छत्तीसगढ़ के कोयला घोटाला केस में रायपुर की विशेष अदालत में सुनवाई चल रही है। इस दौरान जेल में बंद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। इनमें निलंबित IAS समीर विश्नोई, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, सुनील अग्रवाल, शिवशंकर नाग, लक्ष्मीकांत तिवारी और दीपक टांक समेत राजेश चौधरी शामिल हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया ने मेडिकल लगाकर कोर्ट आने में असमर्थता जताई है।
कोयला घोटाला केस में ईडी के राडार में आए भिलाई से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की जमानत याचिका लगाई गई है। इसमें देवेंद्र यादव के पक्षकार ने लंच से पहले अपनी दलील पेश की है, जिसमें उन्होंने ED के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
आज कोर्ट में चार अहम आवेदन पत्रों पर सुनवाई हो रही है। जिसमें प्रमुख रूप से विधायक देवेंद्र यादव की जमानत अर्जी जिस पर सुनवाई चल रही है। अभी देवेंद्र यादव की ओर से तर्क दिया जा रहा है। दूसरा आवेदन पत्र अरविंद सिंह का है जो शराब घोटाले में आरोपी है। उसकी तरफ से भी जमानत आवेदन आया है।
इसके अलावा कोल स्कैम से जुड़े जो 10 आरोपी जो जेल में है उनके भी सेक्शन-50 स्टेटमेंट को आगे बढ़ते हुए आवेदन पेश किया गया है। ED के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि घोटाला वैसे तो 540 करोड़ का है लेकिन अब तक 220 करोड़ का पता चला है। इसलिए आगे कुछ सवाल जवाब की परमिशन के लिए हमने अर्जी दी है।
वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि हमने एक और आवेदन पत्र डाला है, जिसमें कोर्ट से आरोपी राम गोपाल अग्रवाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने की अपील की गई है।
देवेंद्र यादव तक पैसा पहुंचने का प्रूफ नहीं
वहीं, विधायक देवेंद्र यादव के वकील का कहना था कि जो चैट और D यादव और D नवाज का नाम आया है उसमें से यह प्रूफ नहीं होता है कि यह पैसा देवेंद्र यादव तक पहुंचा है। ना ही कोई डायरेक्टर लिंक साबित होने के सबूत हैं। उन्होंने पहले चैट का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें पैसों के लेन-देन का कोई जिक्र नहीं हुआ है।

