तिल्दा-नेवरा-आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर गुरुवार को तिल्दा-नेवरा शहर भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा का साक्षी बनेगा। ज्वर लीला के तहत पिछले 15 दिनों से अस्वस्थ रहे भगवान जगन्नाथ अब स्वस्थ होकर बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ भक्तों को दर्शन देंगे। श्रद्धालु अपने हाथों से रथ खींचकर प्रभु को मौसी घर तक ले जाएंगे। पूरे शहर में रथयात्रा को लेकर उत्साह और भक्तिमय माहौल है।
जगदीश मंदिर के पुजारी विजय वैष्णव ने बताया कि दोपहर 2 बजे भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र का विशेष श्रृंगार कर उन्हें 12 फीट ऊंचे सुसज्जित रथ पर विराजमान किया जाएगा। आरती के बाद रथयात्रा प्रारंभ होगी। श्रद्धालु रस्सियों से रथ खींचेंगे, जबकि आगे भक्त स्वर्णिम झाड़ू से मार्ग बुहारते हुए चलेंगे। भजन मंडलियां, ढोल-नगाड़े और कीर्तन यात्रा को भक्ति के रंग में रंग देंगे।
रथयात्रा नेवरा के जगदीश मंदिर (गांधी चौक) से शुरू होकर सुभाष चौक, अग्रसेन चौक, सिंधी कैंप, स्टेशन चौक और गुरु घासीदास चौक होते हुए नेवरा स्थित गोपाल मंदिर (मौसी घर) पहुंचेगी। यहां भगवान सात दिनों तक विश्राम करेंगे। इसके बाद निर्धारित तिथि पर बहुदा यात्रा के माध्यम से भगवान पुनः अपने मंदिर लौटेंगे।
रथयात्रा से एक दिन पहले मौसी घर की विशेष साफ-सफाई की गई, ताकि धूल का एक कण भी भगवान तक न पहुंचे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान जगन्नाथ अपनी बहन और भाई के साथ मौसी घर वैसे ही जाते हैं, जैसे गर्मी की छुट्टियों में बच्चे अपने ननिहाल जाते हैं। यही परंपरा रथयात्रा को भक्तों के लिए विशेष और भावनात्मक बनाती है।

