चलते ट्रैक्टर में घुसी बाइक, 4 चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत… NH-130 पर कार ने 2 ग्रामीणों को कुचला
इंदर कोटवानी …
बलरामपुर “छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग से आज जो तस्वीर सामने आई है… वो सिर्फ एक सड़क हादसे की खबर नहीं… बल्कि इंसानियत को झकझोर देने वाली कहानी है।
एक ही परिवार के चार चिराग… जो मजदूरी कर अपने घर का पेट पालते थे… सड़क पर तड़पते रहे… मदद की आस लगाते रहे… लेकिन उन्हें अस्पताल नहीं, मौत मिली।
और दूसरी तरफ… दो ग्रामीण… जो मेहमानी से अपने घर लौट रहे थे… वो कभी अपने घर पहुंच ही नहीं पाए।
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सरगुजा संभाग में अलग-अलग सड़क हादसों ने 6 परिवारों की खुशियां छीन ली हैं… और अब सवाल उठ रहा है — आखिर सड़कों पर मौत का ये खेल कब रुकेगा?”पहली दर्दनाक घटना बलरामपुर जिले के सनावल थाना क्षेत्र के ग्राम पीपरपान की है… जहां तेज रफ्तार बाइक… ईंट से लदे ट्रैक्टर में जा घुसी।हादसा इतना भयानक था कि चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।लेकिन हादसे से भी ज्यादा दिल दहला देने वाली बात ये रही… कि ट्रैक्टर चालक ने वाहन नहीं रोका। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक… चालक प्रेमचंद यादव घायलों को करीब 100 मीटर तक घसीटता रहा… फिर सड़क किनारे फेंककर फरार हो गया।
चारों युवक राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पंडो जनजाति परिवार से थे… और मजदूरी कर अपना जीवन चला रहे थे।” मृतक राकेश पंडो 17 साल -रमेश पंडो – 19साल -नरेश पंडो – 19 साल मनोज पंडो – 21 साल “चारों चचेरे भाई थे… एक ही परिवार के…इस घटना के बाद परिवारऔर पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।”“परिजनों का आरोप है कि अगर समय पर इलाज मिलता… तो शायद उनके बच्चों की जान बच सकती थी।लेकिन हादसे के बाद ना एम्बुलेंस बुलाई गई… ना किसी ने इंसानियत दिखाई। इतना ही नहीं… ट्रैक्टर मालिक और उसके परिजनों पर ट्रैक्टर छिपाने और सबूत मिटाने के आरोप भी लगे हैं।”
“पंडो समाज ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है… वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।”
“वहीं दूसरी घटना सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-130 पर हुई… जहां तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दो ग्रामीणों को कुचल दिया।दोनों युवक मेहमानी से लौट रहे थे… लेकिन रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही थी।टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए… और दोनों युवक कई मीटर तक सड़क पर घिसटते चले गए।”
मृतक जय सिंह – उम्र 50 वर्ष,रामकुमार -उम्र 60 वर्ष दोनों ग्राम– महुआटिकरा के रहने वाले थे
“सरगुजा संभाग में एक ही रात में 6 मौतें…6 परिवार उजड़ गए…मांओं की गोद सूनी हो गई… बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है…क्या सड़क पर किसी की जान अब इतनी सस्ती हो चुकी है…?क्या हादसे के बाद इंसानियत भी मर चुकी है…?और आखिर कब तक तेज रफ्तार… लापरवाही… और गैर जिम्मेदारी लोगों की जिंदगी छीनती रहेगी…?फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है… लेकिन इन 6 मौतों ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर कर रख दिया है।”

