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प्रदेश में सरकार बदलने के साथ, बलौदा बाजार विधानसभा का रिवाज भी बदला:पहली बार ब्राह्मण प्रत्याशी चुनाव हारा..

तिल्दा नेवरा. छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं. इस बार के आए परिणामों ने सभी को चौंका दिया है.बड़े-बड़े दिग्गज नेताओं के साथ कांग्रेस सरकार के 9 मंत्री चुनाव हार गए हैं.प्रदेश के मतदाताओं ने भाजपा भरोसा जताते हुए प्रचंड बहुमत से विजय दिलाई है और सत्ता की चाबी भाजपा को सौंप दी है.

इस चुनाव में जहां सारे एग्जिट पोल.और नेताओं के दावे झूठे साबित हुए हैं. वहीं बलौदा बाजार विधानसभा के मतदाताओं ने रिवाज को भी बदल दिया है.सन 1957 से अस्तित्व में आई बलौदा बाजार विधानसभा क्षेत्र का  इतिहास रहा है. कि जब भी इस विधानसभा क्षेत्र से पहली बार कोई ब्राह्मण प्रत्याशी विधानसभा का चुनाव लड़ा है.वह कभी नहीं हारा है.. पिछले दो चुनाव से यह भी ट्रेड चल निकला था कि यहां से जो प्रत्याशी चुनाव जीत कर आता है.प्रदेश में उसके  पार्टी की  सरकार नहीं बनती है.लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव में वे सारी बातें मिथ्या साबित हुई है.

प्रदेश में भूपेश सरकार को मतदाताओं ने सरकार बदलकर भारी बहुमत के साथ सत्ता की चाबी भाजपा को दे दी है. साथ ही बलौदा बाजार विधानसभा के रिवाज को भी बदल दिया है,यहां से कांग्रेस ने शैलेश नितिन त्रिवेदी को अपना प्रत्याशी बनाया था. शैलेश त्रिवेदी का यह पहला चुनाव था. लेकिन वे भाजपा के टंक राम से चुनाव हार गए.. श्री त्रिवेदी के चुनाव हारने से इस विधान सभा की जो ब्राह्मण के जीतने का परमपरा.या कहे इतिहास था,वो भी बदल गया. इतना ही नहीं पिछले 10 सालों से जो ट्रेड चल निकला था कि जो प्रत्याशी यहां से चुनाव जीतता है,उस प्रत्याशी के पार्टी की सरकार ही बनती है वह ट्रेड भी बदल गया. यहां से चुनाव जीतने वाले टंकराम वर्मा को बीजेपी ने प्रत्याशी बनाया था। टंकराम वर्मा ने 14000 से भी अधिक मतों से जीत हासिल की है।मतदाताओ ने प्रदेश में सरकार बनाने का जना देश भी  भाजपा को दिया है  ।

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