रायपुर।-नीट पेपर लीक मामले में आखिरकार केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इसे काकरोज जनता पार्टी की बड़ी जीत मानी जा रही है। इस संबंध में शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्रप्रधान ने एक्स पर ट्वीट कर इस्तीफे की जानकारी दी। वहीं, अब इस मामले में छत्तीसगढ़ का रिएक्शन सामने आया है।
विष्णुदेव साय ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि-धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सार्वजनिक जीवन में प्रत्येक दायित्व का निर्वहन सदैव निष्ठा, ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ किया है। यशस्वीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों के दौरान केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा के विस्तार तथा विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के सृजन में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने पद से त्यागपत्र देने का उनका निर्णय सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों, मर्यादा और सिद्धांतों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का परिचायक है। राष्ट्रसेवा के उनके सतत प्रयास निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त करते रहें। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।
इधर काकरोज जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर कई दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन को वापस लेने का ऐलान कर दिया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत में उनकी तीनों प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है।इसके बाद आंदोलन खत्म करने का फैसला लिया गया। आंदोलन समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने CJP के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका से मुलाकात कर हाथ मिलाया।
आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ तीन दौर की बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि आंदोलन की तीन मुख्य मांगें थीं। पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। दूसरी, प्रदर्शनकारियों और आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेना और भविष्य में कोई नया मामला दर्ज नहीं करना। तीसरी, NEET परीक्षा विवाद के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा देना। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उनकी पहली मांग पूरी हो गई है।
मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने का भरोसा दिया है। यह सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि भाजपा शासित और भाजपा समर्थित राज्यों पर भी लागू होगा। उन्होंने बताया कि सरकार तीन से चार दिनों के भीतर दर्ज सभी एफआईआर की प्रतियां साझा करेगी। उनके अनुसार, केवल दिल्ली में ही करीब 15 से 20 एफआईआर दर्ज हुई थीं।
सौरव दास ने कहा कि काकरोज जनता पार्टी ने सरकार को एक ड्राफ्ट दिया है, जिसमें सभी सहमत बिंदुओं को लिखित रूप में शामिल किया गया है। सरकार ने भरोसा दिया है कि मंगलवार तक लिखित गारंटी साझा कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार के आश्वासन और सकारात्मक बातचीत को देखते हुए संगठन ने अच्छी नीयत से आंदोलन वापस लेने का फैसला किया है। साथ ही उम्मीद जताई कि तय समय सीमा के भीतर सभी वादों को पूरा किया जाएगा।

