छत्तीसगढ़

रामनवमी पर जवारा विसर्जन की धूम :भक्तो ने बाना-सांगा धारण किया.हजारो लोग हुए शामिल

रामनवमी पर जवारा विसर्जन की धूम:भक्तो ने बाना-सांगा धारण किया.हजारो लोग हुए शामिल

चैत्र नवरात्र नवमी पर मंदिरों में भीड़: कन्या पूजन , भंडारे का आयोजन

तिल्दा नेवरा

तिल्दा नेवरा में चैत नवरात्रि के पावन पर्व पर सभी देवी मंदिरों के जवारा विसर्जन का कार्यक्रम शुक्रवार को धूमधाम से किया गया। जवारा विसर्जन में शहर के सभी देवी मंदिरों से विसर्जन के लिए अलग-अलग जुलुस निकाला गया .., नेवरा महामाया शीतला माता मंदिर के  जवारा के साथ घरों में बोई गईं जवारा को नेवरा बड़े तालाब में ले जाया गया। जबकि मावली माता मंदिर का जोत जवारा तिल्दा बस्ती के छोटे शीतला तालाब में विसर्जित किया गया । इस मौके पर नगर के दर्शनार्थी हजारों की संख्या में उपस्थित होकर माता का दर्शन कर माता के बिदाई यात्रा  में शामिल हुए । माता सेवा समिति वाले नाचते-गाते सेवा गीत गाकर उत्साह से आगे आगे बढ़ रहे थे . जुलुस में कई भक्त  जीभ गाल और शरीर के दुसरे हिस्सों में बाना-सांगा  धारण किए हुए  जुलुस में  आगे आगे चल रहे थे ,वही बड़ी संख्या में युवक-युवतियां माता सेवा की धुन में नाचते-झूमते चल रही थी।,

अष्टमी को हवन के बाद शुक्रवार को जवारा विसर्जन में श्रद्धा का सैलाब उमर पाड़ा सर पर कलश और जावरा धारण करके मावली गीत गाते हुए विसर्जन स्थल भक्तों की भीड़ पहुंची ।इनमें कई लोग ने बाना  धारण करके अपनी कठोर भक्ति का परिचय दिया । नेवरा  बड़ा तालाब और तिल्दा पुरानी बस्ती तालाब सहित कई स्थलों पर जवारा विसर्जन करने के लिए भक्तों का मेला लगा रहा ।चैत्र नवरात्रि शुरू होने के साथ ही जवारा बोया गया था नवमी को देवी की पूजा अर्चना के बाद सिर में जावरा लेकर महिला पुरुष  विसर्जन के लिए निकले ।

रामनवमी को लेकर  सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली ।लोग कन्या पूजन के पहले माता के चरणों में प्रसादी लेकर पहुंचे थे। सुबह 11 बजे आस्था का केंद्र माने जाने वाले महामाया मंदिर से विधि विधान के साथ जोत जवारा की पूजा अर्चना कर विसर्जन के लिए शोभा यात्रा निकाली गई । यात्रा शुरू होने के पहले ही मंदिर प्रांगण भक्तों की भीड़ से भर चुका था।

 

शोभायात्रा के आगे  जस सेवा की मंडलिया मौली गीत गाते चल रही थी । उनके पीछे बाना -सांग धारण किए भक्त चल रहे थे। कुछ ही कदम दूरी पर सफेद धोती बनियान पहने कतार बद्ध होकर भक्त सिर  पर ज्योति कलश और जावरा लेकर चल रहे थे। बीच में कई महिलाएं और पुरुष उनके चरणों में आकर लेट रहे थे और सिर पर जोत जवारा रखे भक्त  उनके ऊपर से आगे बढ़ रहे थे। इस दौरान कई महिला झूमते हुए दिखीं । मां के प्रति आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे। लगभग डेढ़ घंटे बाद जोत जवारा जुलूस नेवररा  बड़े तालाब पहुंचा जहां विधि विधान के साथ विसर्जन कार्य संपन्न हुआ।

इसी तरह पुरानी बस्ती के प्रचीन मावली माता मंदिर से धूमधाम के साथ जवारा विसर्जन जुलूस निकाला गया ।जस गीत और बाजे गाजे के साथ निकले माता के विदाईयात्रा में शामिल होने हजारो की संख्या में सुख समृद्धि की कामना के साथ  शामिल हुए । यहां जोत जवारा का विसर्जन छोटे शीतला तालाब में किया गया।समिति के अध्यक्ष दिलीप देवांगन ने बताया कि चैत्र नवरात्र में 485 मनोकामना ज्योत प्रज्वलित की गई थी। इसके पहले राम नवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने कन्या पूजन कर विधि-विधान से श्रद्धालुओं ने माता के जयकारे लगाते हुए पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।

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