बेमेतरा छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से एक बड़ी और संवेदनशील खबर सामने आई है…जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने एक मकान पर प्रशासन का बुलडोजर चल गया…कार्रवाई के दौरान घर में रह रही महिलाओं ने जमकर विरोध किया… यहां तक कि आत्मदाह की कोशिश तक कर डाली…मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया… महिला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी तरह स्थिति को संभाला…पूरा मामला बेमेतरा जिले के खुरूसबोड़ गांव का है… जहां सरपंच की शिकायत पर राजस्व विभाग और पुलिस की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची थी…
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बेमेतरा जिले के ग्राम खुरूसबोड़ में उस वक्त हड़कंप मच गया…जब राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल और बुलडोजर मशीन के साथ पीएम आवास के तहत बने एक मकान को हटाने पहुंची…सरपंच की शिकायत थी कि घास जमीन और तालाब क्षेत्र में अतिक्रमण कर मकान बनाया जा रहा है… प्रशासन ने पहले नोटिस जारी किया… और फिर कार्रवाई शुरू कर दी…जैसे ही बुलडोजर ने मकान का दरवाजा तोड़ा… घर में मौजूद महिलाएं विरोध में सामने आ गईं…इसी दौरान दो महिलाओं ने आत्मदाह करने की कोशिश की…मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए उन्हें रोका…
घटना के दौरान एक महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह चक्कर खाकर गिर पड़ी…जिसे तत्काल एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खंडसरा भेजा गया…
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिला लगातार अधिकारियों और सरपंच से कार्रवाई रोकने की गुहार लगाती रही… लेकिन बुलडोजर चलता रहा।इसी बीच महिला ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाहकरने की कोशिश की… हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे बचा लिया। सरपंच की दलील है कि मकान तालाब की जमीन और जलभराव क्षेत्र में बना हुआ था… इसलिए राजस्व अमले के साथ मिलकर कार्रवाई की गई।लेकिन अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि…अगर मकान अवैध था तो आखिर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण की अनुमति किसने दी?और अगर महिला वहां वर्षों से रह रही थी… तो पुनर्वास की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? फिलहाल घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है… और प्रशासन पूरे मामले पर सफाई देने में जुटा हुआ है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है …महिला ने बताया कि यह मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत हुआ था… जिसकी एक किस्त भी मिल चुकी है…
लेकिन बाकी किस्त आने से पहले ही सरपंच ने निर्माण रुकवा दिया…परिवार का कहना है कि कर्ज लेकर और मजदूरी कर जैसे-तैसे घर बनाया गया है…अब उसे तोड़ने की कोशिश की जा रही है…पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में और भी अतिक्रमण हैं…लेकिन सिर्फ उनके ही घर पर कार्रवाई की जा रही है…जिससे परिवार में भारी नाराजगी और आक्रोश देखने को मिला…
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वहीं प्रशासन का कहना है कि सरपंच की शिकायत के बाद जांच की गई थी…जिसमें जमीन को अतिक्रमण की श्रेणी में पाया गया…इसी आधार पर राजस्व विभाग की टीम कार्रवाई करने पहुंची थी…
हालांकि महिला के विरोध और आत्मदाह की कोशिश के बाद कुछ देर के लिए मौके पर तनाव का माहौल बन गया…फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है…
पीएम आवास… गरीबों के सिर पर छत देने की योजना है …लेकिन बेमेतरा के खुरूसबोड़ में यही योजना अब विवाद और आंसुओं की वजह बन गई है…सवाल ये है कि अगर मकान अवैध था… तो योजना की स्वीकृति कैसे मिली…और अगर वैध था… तो फिर बुलडोजर क्यों चला…फिलहाल पूरे मामले ने प्रशासनिक कार्रवाई पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं,