छत्तीसगढ़

एक खाते से 13 घंटे में करोड़ों का ट्रांजेक्शन:रायपुर में पहचान वाले का खाता लेकर सट्टे के पैसे को लगाते थे ठिकाने

रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा ऐप के पैसों को ट्रांसफर कराने वाले बड़े गिरोह का खुलासा किया है। आरोपी अपने परिचितों का खाता लेते थे और उससे पैसा ट्रांसफर कर रकम को ठिकाने लगाते थे। आरोपियों ने रायपुर के एक युवक का बैंक अकांउट काम दिलाने के नाम पर लिया और फिर उस खाते में 13 घंटे के अंदर करोड़ों रुपए ट्रांसफर कर दिए।

पीड़ित ने आरोपियों की शिकायत पुलिस में की तो जांच के बाद 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड देवेश सिंह चौहान नाम के साथ शैलेंद्र सिंह, सियोंन पाल, रामकृपाल साहू, हरीश वर्मा, कौशल प्रसाद लहरे को गिरफ्तार किया है।

ये ठगी रायपुर के दुर्गेश जायसवाल के साथ हुई है। दुर्गेश को उसके परिचित देवेश सिंह चौहान ने CCTV लगाने का टेंडर मिलने की बात कही। इसके लिए फर्म के अकाउंट की जरूरत बताई। उसने दुर्गेश को साथ में बिजनेस करने का प्रस्ताव दिया और मुनाफे का दस फीसदी देने की बात कही। इस पर दुर्गेश ने यस बैंक में करंट अकाउंट खुलवाया।

इस अकाउंट के लिए 25 हजार रुपए की जरूरत थी, जिसमें 20 हजार रुपए दुर्गेश ने नगद दिए। 5 हजार रुपए देवेश के पास थे तो उसने मिलाकर 25 हजार रुपए एक खाते से ट्रांसफर कराया। 26 अगस्त को ई-मेल चेक करने पर दुर्गेश को बेनामी रकम आने का पता चला।

इस पर उसने अकाउंट से रकम निकलने की डेबिट प्रक्रिया को फ्रीज करा दिया। इसके बाद 28 अगस्त को बैंक जाकर जब उसने अकाउंट स्टेटमेंट लिया तो पता चला कि 26 अगस्त को ही करीब 13 घंटे में उसके अकाउंट में 3.39 करोड़ रुपए के 1500 से ज्यादा ट्रांजेक्शन हुए हैं। इस दौरान 489 बार में उसके खाते में करीब 1.73 करोड़ रुपए आए हैं।

वहीं, 1065 बार में उसके खाते से 1.66 करोड़ रुपए निकाले गए हैं। अकाउंट फ्रीज कराने के दौरान उसमें करीब 6.63 लाख रुपए ही थे। दुर्गेश ने आजाद चौक थाने में इसकी शिकायत की तो पता चला कि किसी ठगी में उस अकाउंट का इस्तेमाल हुआ है। दुर्गेश के साथ ही देशभर के अलग-अलग इलाकों में करीब आधा दर्जन लोगों के अकाउंट इस्तेमाल किए गए हैं

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