Sunday, March 1, 2026
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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ACB-EOW की ताबड़तोड़ कार्रवाई, दुर्ग-भिलाई में 22 ठिकानों पर छापेमारी

भिलाई-छत्तीसगढ़ के भिलाई -दुर्ग में आबकारी मामले को लेकर ACB.EOW टीम ने बड़ी कार्यवाही की है..यहाँ ACB.EOW टीम  कई जगहों पर छापे मारे हैं। भिलाई में अशोक अग्रवाल के घर पर एसीबी ने छापा मारा है। यहा छापा अशोक अग्रवाल के आम्रपाली अपार्टमेंट हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मारा  गया है। इसके अलावा भिलाई के विनय अग्रवाल संजय गोयल भाजपा नेता चतुर्भुज राठी के यहां भी टीम में पहुंची है। सुबह 4 बजे चार गाड़ियों में पहुंची टीम में कारोबारी के ठिकानों पर कार्रवाई कर रही है।

रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित जी नागेश्वर राव के घर शनिवार को EOW पहुंची थी।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ACB और EOW की टीम ने 20 से ज्यादा जगहों पर छापा मारा है। दुर्ग-भिलाई में 22 जगहों पर कार्रवाई जारी है। ACB और EOW की कई टीमें चार गाड़ियों में सुबह 4 बजे भिलाई पहुंची।एक टीम हाउसिंग बोर्ड स्थित आम्रपाली अपार्टमेंट में अशोक अग्रवाल के घर पहुंची। दूसरी टीम नेहरू नगर में बंसी अग्रवाल और विशाल केजरीवाल के यहां दबिश दी। वहीं खुर्सीपार में विनय अग्रवाल के यहां दस्तावेजों की जांच चल रही है। इसके अलावा धमतरी और महासमुंद में भी जांच जारी है।

बता दें कि छावनी चौक भिलाई के पास अशोक अग्रवाल की फेब्रीकेशन और अन्य चीजों की फैक्ट्री है। आशोक अग्रवाल पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के करीबी हैं। इन पर लखमा के साथ मिलकर शराब घोटाले को अंजाम देने का आरोप है। एक टीम अशोक अग्रवाल को गाड़ी में पकड़कर कहीं ले गई है, वहीं एक टीम उनके घर में जांच कर रही है। ऐसी जानकारी मिली है कि एक टीम अशोक अग्रवाल को लेकर उनकी फैक्ट्री गई है, वहां भी टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ACB-EOW की टीम ने 3 दिन पहले ही कवासी लखमा और उनके करीबियों के 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी।…शनिवार को रायपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, जगदलपुर और अंबिकापुर में दबिश देकर दस्तावेज, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कई बैंक अकाउंट और जमीनों में निवेश से संबंधित दस्तावेज और 19 लाख रुपए कैश बरामद किए थे।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है…। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है….। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था….।…ED की ओर से दर्ज कराई गई FIR की जांच ACB कर रही है…..। ACB से मिली जानकारी के अनुसार साल 2019 से 2022 तक सरकारी शराब दुकानों से अवैध शराब डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर बेची गई….। इससे शासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ है….।

ED का आरोप है कि पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी। वहीं शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई। वही ED का दावा है कि लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

बता दे की सुबह 4 बजे  से दुर्ग-भिलाई में ACB और EOW की  टीमें ..एसके केजरीवाल, नेहरू नगर, भिलाई…अशोक अग्रवाल, आम्रपाली अपार्टमेंट,हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी,भिलाई…विनय अग्रवाल, खुर्सीपार….संजय गोयल, स्पर्श हॉस्पिटल, …नेहरू नगर..चतुर्भुज राठी बिल्डर और भाजपा नेता दुर्ग….बंसी अग्रवाल, नेहरू नगर  के यहां दस्तावेजों की जांच कर रही है

भिलाई से नीरज देवगन की रिपोर्ट

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