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छत्तीसगढ़

छतीसगढ़ के हर ब्लॉक में खुलेगा एक दूध संग्रहण केंद्र, एक बार वादा पूरा करने जा रही है सरकार, आम लोगों को होगा फायदा

रायपुर: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार विधानसभा चुनाव के दौरान किए अपने एक और वादे को पूरा करने की तैयारी में है। राज्य सरकार ने हर ब्लॉक में एक दूध संग्रहण केंद्र और जिले में मिलिंग सेंटर खोलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को राजधानी रायपुर में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एमओयू करने का फैसला किया है।

बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने दूध संग्रहण केंद्र और मिलिंग केंद्र खोलने पर जोर दिया था। अब सरकार के एक साल पूरा होने के मौके पर इस वादे को पूरा करने की कवायद तेज हो गई है। राज्य सरकार ने इसके अलावा दूध संग्रहण के लिए खरीद मूल्य देने का भी वादा किया है।

क्या हुआ कैबिनेट में फैसला

कैबिनेट बैठक में डेयरी उद्योग को बढ़ाने का फैसला लिया गया है। बैठक में राज्य में डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहन देने और दुग्ध संकलन तथा प्रसंस्करण में वृद्धि के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एमओयू करने का निर्णय लिया गया। इससे नवीन तकनीक के उपयोग के साथ ही दुग्ध महासंघ के प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि होगी। अनुसूचित क्षेत्रों में दुधारू पशु पालने के लिए प्रोत्साहित करने से स्वरोजगार में वृद्धि के साथ ही दुग्ध उत्पादन की लागत कम होगी। दुग्ध उत्पादकता में वृद्धि के साथ ही प्रदेश के दुग्ध उत्पादक कृषकों के दुग्ध विक्रय के लिए व्यवस्था स्थापित हो सकेगी।

कैबिनेट में धान किसानों को लिए भी फैसला लिया गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि 80 रूपए करने का निर्णय लिया। वहीं, खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में राइस मिलों को लंबित प्रोत्साहन राशि की प्रथम किश्त जारी करने को लेकर भी फैसला किया गया है।

इन फैसलों पर भी लगी मुहर

छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 (क्रमांक 1 सन् 1994) की धाराओं में संशोधन संबंधी छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
छत्तीसगढ़ नगर पालिक अधिनियम 1961 (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

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