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खरवे मौत कांड में बड़ा मोड़: जहरीली शराब मामले का मुख्य संदेही थाने लाया गया, रायपुर आईजी के पहुंचने की चर्चा ते

इंदर कोटवानी

बलौदाबाजार- कसडोल थाना क्षेत्र के खरवे गांव में कथित जहरीली शराब पीने से हुई आठ मौतों के मामले में जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने संदेह के आधार पर रामसाय जायसवाल को पूछताछ के लिए कसडोल थाना लाया है। इसके अलावा तीन अन्य संदेहियों से भी पूछताछ की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर रेंज के आईजी के भी कसडोल पहुंचने की चर्चा है।

गौरतलब है कि खरवे गांव में पिछले दिनों एक-एक कर आठ लोगों की मौत हो गई थी। शुरुआत में मौतों को सामान्य माना जा रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने लगातार आरोप लगाया कि मृतकों को शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया था। ग्रामीणों का दावा है कि मौतें सामान्य नहीं थीं और इसके पीछे सुनियोजित साजिश हो सकती है।

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब गांव में यह चर्चा फैल गई कि कथित आरोपी को जमीन में दबे खजाने (गड़ा धन) की जानकारी मिली थी और उसी के लिए लोगों की बलि चढ़ाई जा रही है । हालांकि इस दावे की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीणों के आरोपों ने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया  ग्रामीणों के भारी विरोध और कसडोल थाने के घेराव के बाद प्रशासन ने शवों को कब्र से निकालकर दोबारा परीक्षण कराने का फैसला लिया और शनिवार को एक शव को कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था। उसके बाद 16 जून को मृतकों के शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम और विसरा जांच के लिए भेजे गए ।उसके बाद  पुलिस जांच रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।

खरवे गांव में संदिग्ध मौतों का सिलसिला 6 फरवरी 2026 को बद्री पटेल की मौत से शुरू हुआ। इसके बाद 20 फरवरी को बुढालू साहू की जान चली गई। मार्च महीने में 12 मार्च को बुधराम जायसवाल, 20 मार्च को छत्तूराम साहू और 31 मार्च को विनोद साहू की मौत हो गई।इसके बाद गजानंद मांझी और 29 अप्रैल को चैतूराम साहू की मौत हो गई।सबसे हालिया मौत 14 मई को महेतरू साहू की हुई।

आरोप है की  जिन लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई, वे सभी मौत से पहले किसी न किसी रूप में रामसाय जायसवाल के संपर्क में आए थे। किसी को उसने शराब पीने के लिए बुलाया था, किसी को शराब लाने भेजा गया था, तो कुछ लोग उसके साथ बैठकर शराब पीते देखे गए थे। शुरुआत में ग्रामीणों ने इन घटनाओं को सामान्य माना, लेकिन लगातार एक के बाद एक मौत होने के बाद लोगों ने पुरानी घटनाओं को जोड़ना शुरू किया। गांव के एक बुजुर्ग ने बताया कि पहले सभी को लगा की मौतें बीमारी या सामान्य कारणों से हो रही हैं।लेकिन बाद में ग्रामीणों को संदेह है कि गांव में लंबे समय से कुछ गंभीर गड़बड़ी चल रही थी। लोगों ने कड़ी जोड़ी और गांव के ही रहने वाले रामसाय जायसवाल के खिलाफ सभी ने पुलिस में लिखित शिकायत की। हलाकि अभी जाच रिपोर्ट में क्या सामने आया है इसका खुलासा नही हुआ है लेकिन मुख्य संदेही थाने लाए जाने के बाद कहा जारहा है की ,  पुलिस को जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिसके बाद संदेहियों से गहन पूछताछ की जा रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अभी किसी की गिरफ्तारी या आरोपों की पुष्टि नहीं की है।

क्या है सबसे बड़ा सवाल?
आठ मौतें महज संयोग थीं या किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा? फिलहाल पुलिस ने किसी भी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया है। जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष फॉरेंसिक व पुलिस जांच रिपोर्ट के आधार पर ही सामने आएगा। फिलहाल पूरे जिले की नजर कसडोल थाना और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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