छत्तीसगढ़

अटल यूनिवर्सिटी में कार्यरत दैनिक वेतन भोगियों को हटाकर,नयों की भर्ती,कलेक्टर को ज्ञापन

बिलासपुर-  बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में सिक्योरिटी और हाउसकीपिंग का काम नई कंपनी को ठेके पर देने देने के बाद विश्वविद्यालय में 6 साल से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिए जाने से नाराज कर्मचारियों ने आज शुक्रवार को रेली निकालकर विश्वविद्यालय के कुलपति के प्रति विरोध जतया..कर्मचारियों ने  बिलासपुर कलेक्टर को एक ज्ञापन सौपकर सेवा बनाए रखने की मांग की है..

दरअसल यूनिवर्सिटी में सिक्योरिटी और हाउसकीपिंग का काम नई कंपनी को ठेके पर दिया गया है. एक अहस्त यानि की आज से नए ठेका कंपनी ने कम शुरू करते ही वर्तमान में कार्यरत 22 सुरक्षा कर्मी और लगभग 16 सफाई कर्मियों को काम से हटा दिया है।..नौकरी से निकाल दिए जाने से सभी  कर्मचारियों को अपनी आजीविका और परिवार के भविष्य की चिंता सता रही है।

कर्मचरियों का आरोप है कि अब ठेका कम्पनी अपने पसंदीदा लोगो को काम पर रखेगी और मानदेय कम देगी. महिला कर्मचरियों ने बताया की इसके पहले जब नए कम्पनी को ठेका दिए जाने की जानकारी मिली तो हमने अपनी नौकरी पर संकट मंडराते देख विश्वविद्यालय के कुलपति और अन्य सभी के सामने विरोध जताया था. लेकिन हमे आश्वासन  दिया गया था की ठेकेदार द्वारा पहले से कार्यरत कर्मचरियों को प्रथमिकता दी जाएगी.यदि वे काम करना नही चाहेगे तो ही  कम्पनी नई व्यवस्था करेगी. लेकिन आज सुबह जब हम रोज की तरह कम करने पहुंचे तो हमे अन्दरआने से मना कर  गेट को बंद कर दिया गया.

कलेक्टर को ज्ञापन देने  आए यूनिवर्सिटी कर्मचारियो ने आरोप लगाते हुए बताया कि हमारी जगह नए लोगों को रखा गया है .और सभी से 20 हजार रुपए लिए गए हैं.आपको बता दे की अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय में ज्यादातर महिलाएं कुर्मी हैं। इनका कहना है कि पहले 6000 मिलते थे अब उन्हें 9000 मिल रहे हैं। लेकिन अचानक सभी को कम से निकाल दिया गया है। महिला कर्मियों ने कहा कि ज्यादातर कर मी यहां काम करके अपना घर का भरण पोषण करते हैं। नौकरी निकल जाने से नाराज कर्मियों ने कहा कि महिला दिवस पर फोटो लेकर हमारा सम्मान किया गया था और अब अपमान किया जा रहा हैमहिलाओं ने कहा कि हमको काम से निकाल ले जाने के पीछे कुलपति प्रोफेसर बाजपेई प्रभारी कुलसचिव शैलेंद्र दुबे और कुल सचिव के खास रसूखदार कर्मचारी सक्सेना इसके जवाबदार हैं

एक तरफ तो सरकार महिलाओं के उत्थान की बात करती है उनके लिए कई योजनाएं भी चलाई जा रही है दूसरे तरफ 6 सालों से एक ही संस्थान में ईमानदारी के साथ काम करने वाली महिलाओं को काम से निकालकर उन्हें बेरोजगार बनाया जा रहा है,उधर एलुमनी एसोसिएशन के सचिव सूरज राजपूत ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखकर इन कर्मचारियों की सेवा बनाए रखने की मांग की है। साथ ही चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को समयानुसार पदोन्नति देने का आग्रह भी किया है।सरोज केरकेट्ट बिलासपुर की रिपोर्ट

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