पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व पर्यावरण कार्यकर्ता आलोक होंगे शामिल, जल-जंगल-जमीन बचाने की उठेगी आवाज
तिल्दा नेवरा- तिल्दा क्षेत्र के समीपस्थ ग्राम अलदा में प्रस्तावित स्पंज आयरन उद्योगों के विरोध में आज 30 मई को विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया है। महापंचायत का आयोजन मानपुर जलाशय बचाओ, प्रदूषणकारी उद्योग भगाओ संघर्ष मंच द्वारा ग्राम पंचायत अलदा एवं देवरी के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ,आलोक शुक्ला हसदेव जंगल सेनानी और किसान नेता तुकाराम छन्द्र्वंशी समाज सेवी योगेश साहू .गौसेवा से जुड़े समाजसेवी प्रदेश अध्यक्षदास साहू विशेष रूप से शामिल होंगे।
आयोजकों के अनुसार ग्राम अलदा में प्रस्तावित बालाजी स्पंज आयरन उद्योग तथा ग्राम देवरी में प्रस्तावित अग्रसेन स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ ग्रामीण पिछले एक वर्ष से आंदोलनरत हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि किसानों और ग्राम वासियों के विरोध के बावजूद उद्योगों को स्थापित करने के लिए ग्राम पंचायतों एवं ग्राम सभाओं के फर्जी प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृतियां दिलाई जा रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित उद्योगों के लिए समोदा क्षेत्र से अलग पाइपलाइन बिछाकर भारी मात्रा में भूजल का दोहन किया जाएगा। इससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होगी और क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने की आशंका है। किसानों का दावा है कि उद्योगों के संचालन से खेती-किसानी, पर्यावरण तथा आने वाली पीढ़ियों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा।
किसानों ने बताया कि कुम्हारी-मानपुर जलाशय क्षेत्र के लगभग 20 से 25 गांवों की जीवनरेखा है। यदि उद्योगों को स्थापित किया गया तो जलाशय एवं आसपास के जलस्रोतों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर महापंचायत में व्यापक रणनीति तैयार की जाएगी। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि 7 मई 2026 को ग्राम देवरी में आयोजित जनसुनवाई के दौरान शांतिपूर्ण विरोध कर रहे लगभग 100 ग्रामीणों को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी और अधिक बढ़ गई है।
आदि शक्ति गौ माता सेवा समिति के प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष दास जी साहू ने भी प्रस्तावित उद्योगों का विरोध करते हुए कहा कि उनका पूरा समर्थन ग्रामीणों के साथ है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं द्वारा विरोध दर्ज कराने के बावजूद प्रशासन उद्योग स्थापित कराने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से बड़ी संख्या में महापंचायत में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।महापंचायत को लेकर क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में व्यापक उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि यह सभा क्षेत्र की जल, जमीन और पर्यावरण संरक्षण की लड़ाई को नई दिशा देगी।

