महिलाओं की बंपर वोटिंग होगी निर्णायक. नतीजे चौंकाने वाले आएंगे…अब इंतजार है ईवीएम खुलने का

इंदर कोटवानी
छत्तीसगढ़ में मतदाता विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों का भाग्य लिख चुके हैं.नतीजा सामने आने से पहले मतदाताओं के रुझान खगाले जा रहे हैं. उसके आधार पर खुद राजनीतिक दल भी नई सरकार के चेहरे का आकलन करने में जुटे हैं.. हालांकि चुनाव के बाद दोनों प्रमुख दलों का एक ही दवा हम जीत रहे हैं।और जीत के कारण भी गिना रहे हैं. छ.ग प्रदेश में सरकार किसकी बनेगी 3 दिसंबर को ईवीएम खुलने के बाद ही हकीकत सामने आएगी, लेकिन.यह तय है कि चुनाव के परिणाम काफी चौंकाने वाले होंगे.वीसीएन टाइम्स ने अंचलवार पड़ताल कर जानने की कोशिश की… प्रदेश की अगली सियासी तस्वीर क्या होगी|
इस बार हुए चुनाव में ज्यादातर मतदाताओं ने पार्टी से परे होकर अपने फायदे को ज्यादा अहमियत दी है.भाजपा कांग्रेस से जुड़े कट्टर समर्थकों ने भी नफा और नुकसान को मापकर मतदान केंद्र में जाकर,ईवीएम के बटन को दबाया है.और यही कारण है कि मतदान के पहले जिन प्रत्याशियों के जीत के दावे किए जा रहे थे,उनमें से ज्यादातर सीटो पर अब कड़ी टक्कर बताई जा रही है.।चुनाव के बाद से मतदाता जिस प्रकार खुलकर पंजाऔर कमल के बटन दबाने की बात कह रहे हैं.उससे कहा जा सकता है कि इस बार के चुनाव में मतदाताओं ने पार्टी और प्रत्याशी को अहमियत ना देकर सिर्फ और सिर्फ अपने फायदे को देखा है,और चुनाव में प्रत्याशियों के द्वारा बांटे गए सामान,साड़ी,रुपयो को दोनों हाथों से बटोर मतदान केंद्र में जाकर मशीन के बटन को अपने मन से दबाया है.
प्रदेश में सरकार रिपीट के लिए उतरी कांग्रेस से मुकाबले में भाजपा ने पीएम मोदी का चेहरा सामने कर चुनाव लड़ा है .कांग्रेस ने जहां अपने पुराने फार्मूले किसानो की कर्ज माफी के साथ.500 में गैस सिलेंडर देने,महिला समूहों के द्वारा लिए गए कर्ज को माफ करने और 15 हजार सालाना महिलाओं को देने की घोषणा के साथ वायदे किए है.वही भाजपा ने भी किसानो का रुका बोनस,महिलाओ को सलाना 12 हजार देने के साथ 31सौ रूपए समर्थन मूल्य पर धान खरदी करने के साथ अन्य वायदे किए है,दोनों मुख्य राजनीतिक पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के द्वारा किए गए वादों का मतदाताओं पर खासा असर पड़ा है.खासकर महिलाओं पर जोरदार वोटिंग कर एक प्रकार से संदेश दे दिया है कि.हमने वायदे पर विश्वास कर अपनी तरफ से मोहर लगाकर ईवीएम में लाक कर दिया है.
महिलाओं के द्वारा किए गए बंपर मतदान के बाद से दोनों पार्टिया यह कहकर जीत का दावा कर रही है कि,पार्टी के मेनिफेस्टो पर विश्वास जताकर महिलाओं ने ईवीएम का बटन दबाया है.लेकिन महिला मतदाताओं ने प्रदेश में सरकार रिपीट के लिए पंजे के निशान का बटन दबाया है,या पीएम मोदी का चेहरा सामने कर कमल फूल को खिलाया है.इस बात को खुलकर मतदाता बताने को तैयार नहीं है.लेकिन यह तय है कि मतदाताओं ने इस बार मत देने के पहले अपने नफे और नुकसान को बारीकी से परखा है.और फायदे को समझने के बाद जाकर मतदान केंद्र में अपने मत का दान किया है।और यही कारण है कि अच्छे-अच्छे विश्लेषक भी परिणाम का विश्लेषण नहीं कर पा रहे हैं.।



