छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ न्यूज़;यहां मुर्दों को भी मिल जाता है लोन फिर मुर्दे के लोन की किस्त कौन चुकाएगा ?

छत्तीसगढ़ के सरगुजा के एक नामी बैंक में अजीब मामला सामने आया.

सरगुजा: लखनपुर थाना क्षेत्र में एक मृत किसान के नाम पर लोन पास कर दिया गया. लोन की राशि को स्टेट बैंक के तत्कालीन मैनेजर ने 6 अन्य लोगों के साथ मिलकर पास कराया. मामला तब सामने आया जब मृत किसान के बेटे को जमीन पर लोन होने और किस्त जमा नहीं होने के कारण जमीन बैंक में बंधक होने की जानकारी मिली. किसान जब बी1 खसरा लेने गया तब उसे ये जानकारी मिली, घबराकर उसने मामले की शिकायत लखनपुर थाने में की.

मृत किसान के नाम पर लोन: मामला जिले के लखनपुर थाना में दर्ज हुआ. यहां उदयपुर क्षेत्र के ग्राम खुटिया में रहने वाले राम अवतार ने 8 जुलाई 2024 को शिकायत दी थी कि जब वो अपनी पैतृक जमीन का बी1 खसरा लेने गये तो पता चला कि उनके पिता राम चरन के नाम पर 2 लाख 18 हजार का कृषि लोन है. जिस कारण 2014 से उसकी जमीन बैंक के पास बंधक है. जबकि किसान रामवतार के पिता रामचरण की मौत साल 2008 में ही हो चुकी थी.

पुलिस की जांच में हुआ खुलासा: किसान की मौत साल 2008 में हो चुकी थी जबकि उस किसान के नाम पर लोन साल 2024 में हुआ. सवाल ये है कि मौत के बाद उस किसान ने लोन कैसे ले लिया, क्या मुर्दों को भी लोन मिल जाता है. इसी बात की पतासाजी पुलिस ने शुरू की तो पता चला कि लखनपुर स्टेट बैंक के तत्कालीन मैनेजर ने 6 लोगों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किये और मृत किसान के नाम पर 2 लाख 18 हजार का कर्ज लेकर गबन कर लिया.

बैंक लोन धोखाधड़ी में 6 आरोपी पहले हो चुके हैं गिरफ्तार: मामले में मृत किसान के बेटे की शिकायत पर अपराध क्रमांक 159/24 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 201, 34 कायम कर पुलिस ने जांच शुरू की. मामले में पुलिस ने आरोपी बलराम बसोर दरोगा दास, सीताराम कवर, नन्दलाल राजवाड़े, विजय सिंह, बृजलाल यादव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया. जहां से उन्हें जेल भेजा गया.

बैंक मैनेजर ने मृत किसान के नाम पर ऐसे निकाला लोन: इस मामले का मुख्य आरोपी स्टेट बैंक लखनपुर का तत्कालीन मैनेजर कुमार देवेन्द्र उम्र 59 वर्ष को गुरुवार को इंदौर मध्य प्रदेश से हिरासत में लिया गया. पूछताछ में आरोपी ने अपने जुर्म कबूल किया.आरोपी ने बताया कि वह साल 2013 से 2015 तक स्टेट बैंक लखनपुर में शाखा प्रबंधक के पद पर पदस्थ था. उसके कहने पर बाकी आरोपियों ने साठगांठ कर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर मृत किसान बलराम बसौर को फर्जी रूप से आवेदक बनाया. केसीसी बैंक लोन स्वीकृत कराया गया और बैंक मैनेजर ने फर्जी लोन स्वीकृत किया. बैंक मैनेजर पहले भी इस तरह का फर्जी लोन स्वीकृत कर धोखाधड़ी की घटना कर चुका है. पुलिस ने आरोपी बैंक मैनेजर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है.

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