छत्तीसगढ़

खर मास कल से. अब 13 अप्रैल तक बंद रहेंगे मांगलिक कार्य.

ज्योतिषीय मान्यता एक महीने तक मीन राशि में देवगुरु बृहस्पति की सेवा में रहेंगे ग्रहों के राजा सूर्य..

तिल्दा नेवरा -ग्रहों के राजा सूर्य देव 14 मार्च को दोपहर 12.36 बजे मीन राशि में प्रवेश करेंगेl इसके साथ ही खर मास शुरू हो जाएगाlयह 13 अप्रैल तक रहेगाl इस दौरान मान्यता के अनुसार मांगलिक कार्यों पर पाबंदी रहेगीl न विवाह मुहूर्त आएंगे ना यज्ञों पवित्र संस्कार हो सकेंगेl पंडित संतोष शर्मा ने बताया कि सूर्य देव जब देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु या मीन में आते हैं. तब खर मल मास शुरू होता है।

ज्योतिष तर्क यह कि जब राजा अपने गुरु के घर जाता है, वह राज-पाट भूल कर गुरु सेवा में रहता हैl यानी गुरु के घर के काम करता हैl ठीक उसी तरह ग्रहो के राजा सूर्य देव भी मीन राशि में गुरु सेवा में लगेंगे। खर मास की अवधि में मांगलिक कार्यक्रम नहीं किए जाते हैं।यदि किंए भी जांए तो सूर्य का बल या प्रभाव सकारात्मक नहीं होताl

इसलिए नहीं होते खरमास में शुभ मुहूर्त.
पंडित संतोष शर्मा बताते हैं कि भारतीय संस्कृति में कोई भी शुभ कार्य करने के लिए पांच देवों की पूजा की जाती है। यह पंचदेव गणेश. शिव. विष्णु देवी. दुर्गा और सूर्य है। शुभ कार्य में इनमें से किसी एक का भी प्रभाव सकारात्मक ना हो तो यह कार्य पूर्ण नहीं माना जाता। धनु और मीन संक्रांति के दौरान सूर्य बृहस्पति के घर में होते हैं. ऐसे में सूर्य का अनुपस्थित रहना या इनका प्रभाव पांच देवों की पूजा में नहीं होता है। यही कारण है कि मल मास या खर मास में शुभ- मुहूर्त भी नहीं होते हैं।

जिनका गुरु-सूर्य खराब स्थान में. वे गुरु मंत्र का जाप करें.. पवन शास्त्री
ज्योतिषाचार्य आचार्य पवन शास्त्री रीवा वाले ने बताया कि जिस जातक की कुंडली में गुरु या सूर्य खराब स्थिति में है या चौथे आठवी या 12वें भाव में हैl उन्हें मीन या धनु की संक्रांति में गुरु मंत्र का जाप करना चाहिए ।ज्योतिषविदों के अनुसार विशेष कर इस माह में ऐसा करने से सूर्य और गुरु भी सकारात्मक बन जाएंगे। सूर्य को जल देना बहुत ही श्रेष्ठ है।

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