तिल्दा-नेवरा। ग्राम देवरी में प्रस्तावित कंपनी को सरपंच और सचिव द्वारा जारी की गई कथित फर्जी एनओसी के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने रविवार को ग्राम पंचायत में तालाबंदी कर दी थी।
मामले ने सोमवार को उस वक्त नया मोड़ लिया, जब बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत के पांच पदाधिकारियों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने कथित फर्जी एनओसी मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग रखी।
ग्रामीणों से चर्चा के दौरान एसडीएम ने आश्वासन दिया कि 10 दिनों के भीतर जांच प्रक्रिया तेजी से पूरी कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में की गई तालाबंदी खत्म करने पर सहमति जताई।
वहीं सोमवार देर शाम करारोपण अधिकारी भगवंत वर्मा ग्राम देवरी पहुंचे। ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचायत भवन का ताला खुलवाया गया ग्रामीणों ने जो टला लगया था अधकारी ने गाव वालो को वापस को सौंप दी वहां पंचायत का ताला लगा दिया गया..
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें शासन-प्रशासन की ओर से पहले भी कई बार आश्वासन मिल चुके हैं। ग्रामीणों ने कहा कि वे प्रशासन की बात मानते हुए फिलहाल तालाबंदी समाप्त कर रहे हैं, लेकिन अब 10 दिनों के भीतर कार्रवाई होती है या यह आश्वासन भी सिर्फ आश्वासन बनकर रह जाता है, यह देखना होगा।ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि निर्धारित समय में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगे आंदोलन की रणनीति बनाने पर मजबूर होंगे।

