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टीआई पर जानवरों की तरह मारपीट और रिश्वत का आरोप, पेट्रोल लेकर पानी टंकी पर चढ़े युवक

कोरबा में पेट्रोल लेकर पानी टंकी पर चढ़े युवक,लगाई आग, 
हरदीबाजार TI पर मारपीट और 24 हजार रिश्वत लेने का आरोप
पेट्रोल डालकर लगाई आग, दी आत्महत्या की धमकी
युवकों का आरोप- बेल्ट और डंडों से की गई बेरहमी से पिटाई
कोरबा -कोरबा में पुलिस पर गंभीर आरोपों को लेकर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दो युवक पेट्रोल लेकर गांव की पानी टंकी पर चढ़ गए। युवकों ने टंकी पर आग लगा दी और हरदीबाजार थाना प्रभारी को सस्पेंड करने की मांग करते हुए आत्महत्या की धमकी देने लगे। उनका आरोप है कि टीआई ने उन्हें जानवरों की तरह पीटा, जबरन बयान लिखवाया और रिश्वत भी ली। वहीं पुलिस इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर रही है। देखिए यह सनसनीखेज रिपोर्ट।
कोरबा जिले के हरदीबाजार क्षेत्र उस समय सनसनी फैल गई जब  रफीक मोहम्मद और दीपेश निर्मलकर नाम के दो युवक पानी टंकी पर चढ़ गए। दोनों अपने साथ पेट्रोल लेकर पहुंचे थे। विरोध जताने के लिए टंकी पर आग भी लगा दी गई। युवकों का आरोप है कि कुछ दिन पहले पुलिस ने उन्हें पकड़कर थाने ले जाया, वहां बेल्ट और डंडों से बेरहमी से मारपीट की गई और बाद में झूठा बयान लिखवाकर छोड़ दिया गया। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब युवकों ने टीआई प्रमोद कुमार डनसेना पर करीब 24 हजार रुपए रिश्वत लेने का आरोप भी लगा दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। करीब तीन घंटे तक समझाइश का दौर चलता रहा, जिसके बाद दोनों युवक नीचे उतरने को तैयार हुए।

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युवकों के परिजनों ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बेटों को रास्ते से उठाकर मारा गया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिएहालांकि पुलिस का पक्ष पूरी तरह अलग है। हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना का कहना है कि दोनों युवक इलाके में जुआ फड़ संचालित करते हैं। सूचना मिलने पर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई थी। पुलिस का दावा है कि लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं।

फिलहाल सवाल यह है कि अगर युवकों के आरोप सही हैं तो वर्दी की जवाबदेही तय कौन करेगा… और अगर पुलिस का दावा सही है तो फिर कानून के शिकंजे से बचने के लिए इस तरह का हाई-वोल्टेज ड्रामा क्यों किया गया? पानी टंकी पर चढ़कर लगी आग तो बुझ गई, लेकिन पुलिस और ग्रामीणों के बीच अविश्वास की चिंगारी अब भी सुलग रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सच सामने लाने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।

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