शक्ति। जिले के सोती गांव में विकास के दावों की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब एक शव यात्रा को करीब एक किलोमीटर तक कीचड़ और दलदल भरे रास्ते से गुजरकर श्मशान घाट पहुंचना पड़ा। बारिश के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया, जिससे अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से श्मशान घाट तक पक्की सड़क बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। मजबूरी में ग्रामीणों को शव को कंधे पर लेकर दलदल से होकर गुजरना पड़ा। इस दौरान कई लोगों के फिसलने की स्थिति भी बनी।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द श्मशान घाट तक पक्की सड़क निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच आज भी उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

