प्याज की घरेलू डिमांड को पूरा करने के लिए सरकार ने बफर स्टॉक खोल दिया है और को कंट्रोल करने के लिए इसे चरणबद्ध तरीके से रिलीज किया जाएगा .
सेंट्रल डेस्क : फेस्टिव सीजन से पहले एक ओर जहां चीनी की कीमतों में ताबड़तोड़ तेजी ने लोगों को हैरान कर दिया, तो वहीं घर की रसोई में रोजाना इस्तेमाल. होने वाली प्याज ने भी आंसू निकालने का काम किया. दरअसल, अचानक से देखने को मिला और एक किलो प्याज की कीमत बीते दिनों रिटेल मार्केट में 60 रुपये के आसपास पहुंच गई.
इसे देखते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने तत्काल बड़े कदम उठाए. ताजा अपडेट की बात करें, तो त्योहारी मांग नजदीक आने के मद्देनजर सरकार ने अपना बफर भंडार खोलते हुए अतिरिक्त प्याज की आपूर्ति शुरू कर दी है.
सरकार ने कहा- पर्याप्त है स्टॉक
प्याज की कीमतों में लगातार तेजबढ़ोतरी के चलते बफर स्टॉक पर सरकार ने कहा है कि आने वाले महीनों में घरेलू डिमांड को पूरा करने के लिए देश में प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है. मौसम केचलते मूल्य दबावों को नियंत्रित करने के लिए से चरणबद्ध तरीके से प्याज जारी करना शुरू कर दिया गया है.
सरकार के मुताबिक, प्याज की सप्लाई सुचारु करने के लिए इससे लदी पहली कांदा एक्सप्रेस नासिक से नई दिल्ली के लिए पहले ही रवाना कर दी गई. वहीं 10 से अधिक डेस्टिनेशंस तक प्याज की खेप पहुंचाने के लिए 15 से अधिक ट्रकों को भेजा जाना निर्धारित किया गया है. सरकार के मुताबिक, प्याज के निपटान के लिए रेलवे और सड़क परिवहन को मिलाकर एक हाइब्रिड लॉजिस्टिक्स मॉडल का उपयोग किया जाएगा.
35 रुपये प्रति किलो में प्याज
पीएसएफ प्याज के स्टॉक के भंडारण के लिए पहली बार सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन को भंडारण एजेंसी के रूप में नियुक्त किया है. यह कदम त्योहारों और शादियों के मौसम से पहले उठाया गया है, जब प्याज की मांग आमतौर पर तेज हो जाती है. दिल्ली में के आउटलेट्स के
माध्यम से 35 रुपये प्रति किलो के भाव पर प्याज की खुदरा बिक्री शुरू की गई है.
नासिक से वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर की ओर माल भेजा जा रहा है. इसके साथ ही.चेन्नई, कोलकाता, अर्नाकुलम, गुवाहाटी, वाराणसी, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, जम्मू और अमृतसर को भी माल भेजा जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 26 अगस्त तक, प्याज. का अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य 37.87 रुपये प्रति किलोग्राम था, जबकि टमाटर का 38.33 रुपये और आलू का 22.63 रुपये प्रति किलोग्राम था.

