रायपुर-मुख्यमंत्री निवास में सोमवार को तीजा-पोरा तिहार (त्योहार) मनाया गया। CM ने पत्नी संग भगवान शिव की विधि विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने पूजा में प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की।इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपनी पत्नी कौशल्या साय के साथ मिट्टी के बैल (बइला) रस्सी (डोर) से बांधकर खींचे। इस दौरान डिप्टी CM अरुण साव और महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी उनका साथ दिया। ये पोला तिहार की छत्तीसगढ़ी परंपरा है।

इस दौरान CM विष्णु देव साय ने प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना की 7वीं किश्त के 1-1 हजार रुपए जारी किए। CM ने महिलाओं को पोषण माह 2024 की शपथ दिलाई। बच्चों के सही खान-पान को लेकर ये शपथ ली गई।
ग्रामीण परिवेश में सजाया गया CM हाउस
मुख्यमंत्री निवास को परंपरागत ग्रामीण परिवेश में सजाया गया है। तीजा-पोरा तिहार मनाने प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में CM हाउस पहुंची। कार्यक्रम में सांस्कृतिक आयोजन के साथ ही पारंपरिक खेलकूद का भी आयोजन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा- तीज पर बहनों को उपहार
महतवारी वंदन योजना की किश्त जारी करते हुए CM साय ने कहा कि, तीज पर यह बहनों के लिए हमने उपहार भेजा है। उन्होंने कहा कि, हमारे निमंत्रण पर प्रदेश भर से बहनें अपने भाई के घर आई हैं। मैं सभी का स्वागत करता हूं। सुपोषण रथ को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

CM ने कहा, आज पोरा है और यह पशु प्रेम का तिहार है। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और यहां के किसान समृद्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के रास्ते पर चलते हुए राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास के लिए कार्य कर रही है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, पोरा के आते ही बहनें राह तकती रहती है कि भाई तीजा लिवाने कब आएंगे। बहनों के होंठों पर मुस्कान और चेहरे पर चमक होती है। हमारे धर्म में मान्यता है कि यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः इसी मान्यता का अनुसरण करते हुए हमारी सरकार महिलाओं को हर महीने महतारी वंदन योजना की राशि जारी कर रही है।

तीजा-पोरा पर महतारी वंदन योजना का फंड महिलाओं को जारी किया गया। ये भुगतान ऑनलाईन डीबीटी मोड के जरिए किया गया। महतारी वंदन योजना के तहत आज सातवीं किश्त में 70 लाख महिलाओं को 653 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। इसे मिलाकर अब तक 4578 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

