रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा की विष्णुदेव सरकार की छबि सुधारने के साथ – साथ सरकार के मंत्रियों के चेहरे बदलने की कवायद शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि सरकार के नए मंत्रियों के नाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तय करेंगे।
प्रदेश में साय सरकार को एक साल पूरे हो गए हैं,जिसका भाजपा जश्न मना रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस जश्न में खास तौर पर शामिल हुए। पिछले साल 13 दिसंबर 2023 को विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। डबल इंजन वाली साय सरकार में दो उपमुख्यमंत्री हैं,इनमें अरूण साव और विजय शर्मा शामिल हैं। एक साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब छत्तीसगढ़ के लोग साय सरकार के कामकाज की समीक्षा करने लगे हैं। देखा जाए तो साय सरकार ने विधानसभा चुनाव –2023 के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई गारंटियों को पूरा करने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है।
साय सरकार ने सबसे पहले किसानों को डॉ.रमन सिंह की सराकार के कार्यकाल के दौरान का बकाया दो साल का धान का बोनस दे दिया। लग रहा है कि प्रदेश को वर्ष 2026 तक नक्सल मुक्त करने की गारंटी भी पूरी हो ही जाएगी। केंद्र और साय सरकार के बीच तालमेल के चलते प्रदेश के नक्सल इलाकों में सुरक्षा बलों के हौसले बुलंद हैं और नक्सल समस्या आखरी सांस गिनती नजर आ रही है। महतारी वंदन योजना के तहत साय सरकार प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को हर माह एक – एक हजार रुपए देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में जुटी है। साय सरकार अनुसूचित जाति,अनसूचित जनजाति,पिछड़ा वर्ग सहित सभी वर्गों को संतुष्ट करने प्रयासरत है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाकर और सरकारी नौकरी के दरवाजे खोलकर साय सरकार युवाओं को भी संतुष्ट करने में लगी है।
दूसरी तरफ प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था,बढ़ते अपराध,धान खरीदी में अव्यवस्था, सरकारी जमीन की बंदरबांट,चिटफंड कंपनियों को छूट जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार हमले बोल रहा है। यही वजह है कि भाजपा को साय सरकार की छबि की चिंता सताने लगी है। जानकारों की मानें तो भाजपा इसकी लगातार समीक्षा कर रही है और साय मंत्रिमंडल में फेरबदल की जरूरत समझ रही है। भाजपा संगठन की समीक्षा के आधार पर साय सरकार के दो – तीन मंत्रियों को हटाया जा सकता है,जिनका परफॉर्मेंस कमजोर है। साय मंत्रिमंडल में वैसे भी दो मंत्री कम हैं, जिसकी भरपाई आगामी फेरबदल के साथ होने की पूरी संभावना है। साय मंत्रिमंडल में कौन रहेगा और कौन बाहर होगा, यह फैसला अमित शाह ही करेंगे।

