Sunday, February 22, 2026
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संत निरंकारी मिशन का ‘स्वच्छ जल स्वच्छ मन’ अभियान शुरू:तिल्दा मे वार्ड 2, जुनापेठू तालाब और सासाहोली में , कार सेवा

तिल्दा नेवरा -प्रोजेक्ट अमृत’के अंतरगर्त स्वच्छ जल स्वच्छ मन का आयोजन आज प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक सम्पूर्ण भारतवर्ष में किया जा रहा है. इसकी जानकारी तिल्दा ब्रांच के मुखी श्री सुंदरदास जैसवानी जी ने दी और कहा कि ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के तहत तिल्दा नेवरा मे स्थान: वार्डक्र. 2, जुनापेठू तालाब, सासाहोली,पर स्वच्छ जल स्वच्छ मन के तहत कार सेवा की जाएगी जिसमे संत निरंकारी मिशन के लगभग 100 अनुयायी भाग लेंगे।

जब सेवा साधना बन जयेऔर प्रकृति के प्रति संवेदना जीवन का मूल श्रोत हो तब पावन संकल्प जन्मलेते हैं.मानव सेवा और लोक कल्याण की इसी दिव्या चेतना को साकार रूप प्रदान करने हेतु संत निरंकारी मिशन द्वारा ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के अंतरगर्त ‘स्वच्छ जल स्वच्छ मन’अभियान के चौथे का भव्य शुभारम्भ 22 फरवरी 2026 प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक परम श्रधेय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के निर्देशानुसार समस्त भारत में भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है।

​संत निरंकारी मंडल के सचिव श्री जोगिन्दर सुखीजा जी ने जानकारी देते हुए बताया की यह अभियान देशभर में 1500 से अधिक स्थानों में आयोजित किया जायेगा। इस व्यापल विस्तार के कारण यह प्रयास एतिहासिक स्वरुप धारण करेगा, जो जल संरक्षण तथा स्वक्ष्ता के सन्देश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावशालीरूप से पहुंचाएगा।

​इस पहल का मूल उद्देश्य समाज को यह अनुभूति कराना है कि जल केवल संसाधन नहीं, जीवन का आधर और इश्वर की अमूल्य दें है, जिसकी रक्षा करना प्रत्येक मानव का नैतिक कर्त्तव्य है. संत निरंकारी मिशन ने बाबा हरदेव सिंह की प्रेरणास्पद शिक्षओं को आत्मसात करते हुए वर्ष 2003 में संस्कृति मंत्रालय, भारत सर्कार के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट अमृत’ का सूत्रपात किया था।यह पुनीत पहल जल संरक्षण को किसी एक दिवस या अभियान तक सीमित न रखकर उसे जीवनशैली, संस्कार और सेवाभाव के रूप में अभिव्यक्तकरने कीप्रेरणा देती है।जहाँ स्वच्छ जल से स्वच्छ मन स्वच्छ समाज का निर्माण संभव हो सके।

​नदियों, झीलों, तालाबों, कुओं एवं झरनों जैसे प्राकृतिक जल श्रोतों के संरक्षण और संवर्धन हेतु समर्पित इस जन अन्दोलन ने अपने प्रथम तीन चरणों सेवा, समर्र्पन और सहभागिता की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत की है। इन्ही उपलब्धियों से प्रेरित होकर इस चरण को और अधिक विस्तृत, संगठित एवं दूरदर्शी दृष्टीकोण के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है। जिससे समाज के हर वर्ग में प्रकृति के प्रति जागरूकता और सहभागिता की सुदृढ़ चेतना का विस्तार कर सके।

​गीतों की मधुर प्रस्तुतियां की मधुर प्रस्तुतियां सामूहिकगान जागरूकता संगोष्ठियाँ एवं सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से जलजनित रोगों तथा स्वक्षता के महत्त्वपर जनचेतना को प्रोत्साहित किया जा रहा है. यह पहल यह स्मरण कराती है कि जब मन निर्मल होता है, तभी प्रकृति भी स्वच्छ हिती है, और जब सेवा में समर्पण जुड़ जाता है, तब समाज का नव निर्माण हिता है.

​​सतगुरु माता जी का सन्देश सदैव यही रहा है कि हम इस धरती को आने वाली पीढ़ियों के लिए पहले से अधिक सुंदर स्वच्छ और संतुलित रूप में संजोकर रखें. ‘स्वच्छ जल स्वच्छ मन’अभियान उसी पवन संकल्प का सजीव प्रतीक है, जो मानव को प्रकृतिसमाज और आत्मा से जोड़ते हुए करुना, संतुलन और सौहाद्र से परिपूर्ण भविष्य की और मार्गदर्शन करता है.

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