इंदर कोटवानी
ओडिशा के क्योंझर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जहाँ सिर्फ 19 हजार रुपये के लिए एक भाई ने अपनी बहन की कब्र खोद डाली…जी हाँ… डेथ सर्टिफिकेट नहीं था…तो भाई अपनी बहन का कंकाल कंधे पर उठाकर बैंक पहुंच गया…ये सिर्फ एक खबर नहीं बल्कि सिस्टम पर एक बड़ा सवाल है—क्या गरीबों के लिए कानून और प्रक्रिया इतनी मुश्किल है कि उन्हें इंसानियत भी दफन करनी पड़े?
आइए देखते हैं ये दिल दहला देने वाली रिपोर्ट…

ओडिशा के क्योंझर जिले के पटना इलाके के दियानाली गांव में रहने वाले जीतू मुंडा की ये कहानी किसी फिल्म की पटकथा जैसी लगती है,लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा कड़वी है…करीब दो महीने पहले जीतू की बड़ी बहन की बीमारी से मौत हो गई थी…उसने अपनी जिंदगी भर की छोटी-सी कमाई…मवेशी बेचकर जुटाए करीब 19 हजार रुपयओडिशा ग्राम्य बैंक में जमा किए थे…बहन की मौत के बाद…जब जीतू पैसे निकालने बैंक पहुंचा…तो उससे मांगे गए डेथ सर्टिफिकेट और कानूनी दस्तावेज…लेकिन गरीबी और अनपढ़ता के बीच फंसे जीतू के पास कोई कागज नहीं था…और यहीं से शुरू हुई एक ऐसी कहानी…जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं…
सबूत देने के लिए…जीतू ने अपनी बहन की कब्र खोदी…उसका कंकाल निकाला…और करीब 3 किलोमीटर तक कंधे पर लादकर बैंक तक पहुंच गया…बैंक के बाहर बैठकर उसने घंटों तक धरना दिया…और मांग करता रहा—“मुझे मेरी बहन के पैसे दे दो…”घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची…और किसी तरह उसे समझाकर वहां से हटाया…बाद में कंकाल को फिर से दफनाया गया…
ये तस्वीर… ये कहानी…सिर्फ एक गांव या एक परिवार की नहीं है…ये उस सिस्टम की सच्चाई है…जहाँ कागज इंसान से बड़ा हो गया है…जहाँ एक भाई को अपनी बहन की इज्जत… उसकी मिट्टी…सिर्फ इसलिए उखाड़नी पड़ती है…ताकि उसे उसके ही पैसे मिल सकें…19 हजार रुपये…किसी के लिए छोटी रकम हो सकती है…लेकिन किसी गरीब के लिए…वो पूरी जिंदगी की जमा पूंजी होती है…
आज सवाल सिर्फ ये नहीं है कि जीतू ने क्या किया…सवाल ये है कि उसे ऐसा करने पर मजबूर किसने किया?क्या सिस्टम इतना कठोर हो चुका है…कि उसमें इंसानियत के लिए कोई जगह नहीं बची? जरूरत है…
ऐसे मामलों में संवेदनशीलता की…सरल प्रक्रिया की…और सबसे बढ़कर…एक ऐसे सिस्टम की…जो गरीब को इंसान समझे… फाइल नहीं…इसी उम्मीद के साथ…कि ये खबर सिर्फ सुर्खी बनकर न रह जाए…बल्कि बदलाव की शुरुआत बने…हमारी ये खबर कैसे लगी हमारे कमेंट्स बाक्स मेंजरुर कमेंट्स करे ,आप देखते रहिए VCN टाईम्स नमस्कार

