शबे कद्र की 25 वी रात आज .16 मार्च को 27 सी रात मनाई जाएगी
तिल्दा नेवरा -शुक्रवार को रमजान महीने का आखिरी जुम्मा यानी अलविदा की नमाज अदा की गई ।इस मौके पर शहर की दोनों मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ने पहुंचें। नेवरा में ऐतिहासिक जामा मस्जिद खास इंतजाम किए गए थे । मुस्लिम समाज के लिए अलविदा जुमा रमजान के सबसे अहम दिनों में से एक माना जाता है, इसलिए सुबह से ही लोगों में खास उत्साह देखा गया। मुस्लिम मोहल्ले में साफ सफाई के साथ नहा कर स्नान गुसल कर नए कपड़े पहन कर खुशबू इतर लगा कर दोपहर 12बजे जान से पहले मस्जिदों में पहुंच गए।आज शनिवार को शबे कद्र की 25 वी रात और 16 मार्च को 27 सी रात मनाई जाएगी इन रात में मुस्लिम समाज के लोग मस्जिदों सहित पूरे घरों में गुनाहों से तौबा करेंगे
तिल्दा नेवरा में रमजान के आखिरी जुमा अलविदा की नमाज शहर की दोनों मस्जिदों में अदा की गई। अकीदतमंदों ने देश की अमन चैन और भाईचारे के लिए दुआ मांगी। महिलाओं सहित सभी ने नमाज अदा की और गुनाहों से बचने की प्रार्थना की। अलविदा की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मस्जिदों के पास सुरक्षा की दुष्टि से पुलिस फोर्स तैनात रही।
नेवरा स्थित मस्जिद में शुक्रवार को अलविदा की नमाज को लेकर दोपहर 12 बजे के बाद से ही मस्जिदों में मुस्लिम बंधुओं के लोगों का आना शुरु हो गया। दोपहर एक बजे मुस्लिम बंधुओं ने पूरे अकीदत के साथ अलविदा की नमाज अदा की।जामा मस्जिद में मौलाना अमिश रजा ने अलविदा की नमाज अदा कराई। इमाम अनिश रजा ने अपनी तकरीर में रमजान के बारे में बताया कि रमजान की आखिरी जुम्मा को अलविदा कहा जाता है।अलविदा का मतलब विदा होना है। उन्होंने कहा रमजान की सभी जुम्मा में सबसे महत्व अलविदा जुम्मा को दिया गया है जो ईमान वाले पहले मस्जिद पहुंचे उसे ज्यादा नेक मिलता है।
रमजान माह की 21,23 ,25 ,27 ,29 की रातों को शबे ए कद्र की रात कहा जाता है। यह रात तमाम रातों से बेहतर रात माना गया है। इन रात में जो भी ईमान वाले रात में जाग कर इबादत करते हैं। नमाज पढ़ना कुरान पढ़ना, अल्लाह का जिक्र करना, दुआ मांगना, अल्लाह अपने खास फरिश्तों को भेजते हैं कि देखो मेरे इबादत में कौन-कौन बंदा अपने मगफिरत की दुआ मांगते हैं। उसे बंदे की सभी गुनाहों को माफ कर देते हैं अल्लाह उसे वक्त ईमान वाले बांधों की बहुत करीब होता है। उन्होंने कहा कि रोजा रखने के साथ पांच वक्त की नमाज अदा करना हर बुराई से परहेज रहना रमजान की पूरे माह इबादत में मशहूर रहना रोजगार तरावीह की नमाज अदा करना यह सभी फजीलत बयान किया।रजा साहब ने कहा कि रमजान रहमतों और बरकतों वाला महीना है। इस महीने में एक नेकी पर 70 गुना सबाब मिलता है। उन्होंने कहा कि रमजान में गलत कामों से तौबा करें। दीन के रास्ते पर चले और झूठ और फरेब से बचे।आज शबे कद्र 25 वी रात और 16 मार्च को 27 सी रात मनाई जाएगी इन रात में मुस्लिम समाज के लोग मस्जिदों सहित पूरे घरों में गुनाहों से तौबा करेंगे