रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक शर्मसार करने वला सामने आया है .इस मामले ने पति-पत्नी के रिश्तो को तार-तार कर रख दिया है . पति पत्नी ने एक दुसरे पर जो आरोप लगाए है वो सचमुच हैरान कर देने वाले है. पत्नी का आरोप है कि पति उनके बेडरूम में सीसीटीवी कैमरा लगवाकर उस पर नजर रखता था। वहीं, पति का आरोप है कि पत्नी अन्य पुरुषों के साथ अश्लील चैटिंग और न्यूड वीडियो कॉल करती है। इससे परेशान पत्नी ने तमनार थाने में पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पहले ये मामला पहले फैमिली कोर्ट में था, अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। पति ने पत्नी से तलाक के लिए हाईकोर्ट में अपने आरोपों को साबित करने के लिए कमरे में लगे CCTV के फुटेज पेश किए है, जिसे फैमिली कोर्ट ने मानने से इनकार कर दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर दोबारा सुनवाई का आदेश दिया है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पति ने तलाक के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी । पति का आरोप है कि उसकी पत्नी अपने बॉयफ्रेंड को न्यूड वीडियो कॉल करती थी। उसने हाईकोर्ट को फुटेज भी सौंपे हैं। वहीं पत्नी ने कहा कि पति बेडरूम में कैमरे लगवाकर नजर रखता था। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद महासमुंद फैमिली कोर्ट के आदेश को निरस्त कर केस की दोबारा सुनवाई करने के आदेश दिए हैं। CCTV फुटेज वाली सीडी को रिकॉर्ड पर लेने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि मामला 4 साल से अधिक समय से लंबित है,इसलिए फैमिली कोर्ट इसे प्राथमिकता के आधार पर निपटाए।
दरअसल महासमुंद की रहने वाली एक महिला की शादी रायगढ़ निवासी युवक के साथ साल 2012 में हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद ही ससुराल से पति के साथ लौटकर तमनार में रहने लगी। महिला का आरोप है कि तमनार आने के बाद पति ने अतिरिक्त रुपयों की डिमांड शुरू कर दी। उत्पीड़न शुरू किया। इतना ही नहीं पति ने पत्नी पर नजर रखने के लिए कमरे में चुपचाप सीसीटीवी कैमरा लगवा दिए। कैमरा लगाने और बेवजह परेशान करने की बात पर पत्नी ने विरोध किया तो पति मारपीट करने लगा।उसके बाद दोनों अलग रहने लगे,पति ने आरोप लगाते हुए फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका लगाई थी।
पति ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी अन्य पुरुषों के साथ अश्लील चैटिंग और वीडियो कॉल करती है। इन आरोपों को साबित करने के लिए पति ने बेडरूम में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। उनकी फुटेज को एक कॉम्पैक्ट डिस्क के रूप में कोर्ट में पेश किया था, लेकिन महासमुंद के फैमिली कोर्ट ने पति की तलाक की अर्जी खारिज कर दी थी।पति ने फैमिली कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
जस्टिस संजय के. अग्रवाल और अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने कहा कि CCTV फुटेज, CD या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को फैमिली कोर्ट की कार्यवाही में सिर्फ इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि उनके साथ इंडियन एविडेंस एक्ट की धारा 65-B के तहत सर्टिफिकेट नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 की धारा 14 और 20 के तहत, फैमिली कोर्ट के पास किसी भी विवाद को प्रभावी ढंग से सुलझाने के लिए किसी भी दस्तावेज या सबूत को स्वीकार करने की शक्ति है। भले ही वह तकनीकी रूप से एविडेंस एक्ट की सभी जरूरतों को पूरा न करता हो

