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प्रधानमंत्री आवास योजना की जरी सूची नाम नहीं आने से भड़का ग्रामीण; पंचायत भवन में हंगामा, सरपंच-सचिव से अभद्रता के बाद जेल

तिल्दानेवरा-तिल्दा विकासखंड के ग्राम पंचायत निनवा में प्रधानमंत्री आवास योजना की जारी सूची को लेकर विवाद सामने आया है। सूची में अपना नाम नहीं होने से नाराज एक ग्रामीण ने पंचायत भवन पहुंचकर सरपंच, सचिव और महिला पंचों के साथ कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए जमकर हंगामा किया। मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए आरोपी लछन साहू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत निनवा के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के 183 हितग्राहियों की सूची जारी की गई थी। गांव के लच्छन साहू (पिता रामाधार साहू) ने भी अन्य ग्रामीणों की तरह योजना के लिए आवेदन किया था और सर्वे टीम ने उनके घर पहुंचकर जानकारी भी ली थी। लेकिन अंतिम सूची में उनका नाम शामिल नहीं था। इसकी जानकारी मिलते ही वह पंचायत भवन पहुंच गए, जहां सरपंच, सचिव और महिला पंच मौजूद थे। आरोप है कि उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज की और काफी देर तक हंगामा किया।घटना के बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

सूची में दोबारा जुड़े पुराने हितग्राहियों पर उठे सवाल!
इस घटना के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जारी सूची में पांच ऐसे नाम शामिल थे, जिनमे से कुछ लोगो को पहले ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल चुका है। वहीं कुछ पति और पत्नी दोनों के नाम भी सूची में दर्ज थे। बाद में पंचायत की बैठक में ऐसे पांच नामों को निरस्त कर दिया गया।
ग्रामीणों का दावा है कि यदि पहले से लाभ ले चुके हितग्राहियों के नाम सूची में शामिल नहीं किए जाते, तो संभव है कि लछन साहू जैसे पात्र आवेदकों का नाम सूची में आ जाता।

सरपंच बोले—सर्वे पंचायत ने नहीं, बाहरी टीम ने किया

सरपंच गोबिंद सारंग का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का सर्वे ग्राम पंचायत ने नहीं कराया था। शासन के निर्देश पर इसके लिए दूसरे ब्लॉक के सचिवों और कर्मचारियों की टीम बनाई गई थी, ताकि पंचायत स्तर पर किसी प्रकार की पक्षपात या मनमानी की आशंका न रहे। सर्वे के आधार पर ही सूची तैयार कर शासन स्तर से भेजी गई है।सरपंच ने कहा की यदि हमारे अधकार में नाम जोड़ना रहता तो पंचायत सदस्यों की राय लेकर हम उसका नाम जोड़ देते ..

कई पंचायतों में भी सामने आ रही ऐसी शिकायतें

ग्रामीणों का आरोप है कि तिल्दा विकासखंड की कई ग्राम पंचायतों में ऐसे लोगों के नाम दोबारा सूची में आ गए हैं, जिन्हें पहले ही प्रधानमंत्री आवास का लाभ मिल चुका है। हालांकि ऐसे नाम बाद में निरस्त किए जा रहे हैं, लेकिन उनकी जगह वास्तविक पात्र हितग्राहियों के नाम नहीं जोड़े जा रहे। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के सरपंच और सचिव को सूची में नए नाम जोड़ने का अधिकार नहीं है, जिससे पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित रह जा रहे हैं।इस पूरे मामले ने प्रधानमंत्री आवास योजना की चयन प्रक्रिया और सूची की पारदर्शिता पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि पात्र हितग्राहियों की दोबारा जांच कर उन्हें योजना का लाभ दिलाया जाए।

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