खैरागढ़ -छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में एक बुजुर्ग महिला, देवला बाई, के रोने का एक वीडियो वायरल हुआ है. 90 साल की देवला ने देवला 20 साल पहले अपने हाथो से इस पीपल के पेड़ को लगाया था..और इसे अपने बेटे की तरह मानती थी और उसकी देखभाल कर पाला पोसा और बड़ा किया..देवला इस पीपल के पेड़ की रोज पूजा भी करती थी ,लेकिन अब पीपल का पेड़ काट दिया देवला ने ये सब देखा तो वह पेड़ की कटी पड़ी शाखा पर सर रखकर फूट-फूट कर रो पड़ीं,लोगो ने बूढी अम्मा को समझाया लेकिन वो रोती रही,देवला को रोता देख ऐसा लग रहा था मनो पेड़ काटने के बाद उसकी दुनिया ही उजाड़ गई है .
प्रकृति हमारे लिए कितना जरुरी है और उसका हमारे जीवन में क्या महत्व ये हम सभी जानते हैं. लेकिन लालच और विकास के चक्कर में हम उसी जीवन देने वाली प्रकृति का गला घोंट रहे हैं.लेकिन देवला बाई के पेड़ से प्रेम को देख प्रकृति से जुड़े लोगों की आस्था और भावनाएं उजागर कर दिया है ।
खैरागढ़ की रहने वाली 90 साल की देवला बाई ने सालों पहले एक पीपल का पेड़ अपने घर के पास लगाया था. 90 साल की देवला बाई हर दिन उस पीपल के पेड़ की पूजा करती. देवली बाई कहती हैं कि वो पीपल के पेड़ को पेड़ नहीं बल्कि अपना बेटा मानती थी. जिस तरह से लोग अपने बच्चे का ख्याल रखते हैं उसी तरह से वो पीपल के पेड़ का ख्याल रखती.इसी बीच चोरी छुपे किसी ने उस पीपल के पेड़ को रात के अंधेरे में काट दिया. बुजुर्ग देवला को जैसे ही इस बात का पता चला वो भागती हुई पेड़ के पास पहुंची. वहां का नजारा देखते ही उसकी आंखों से आंसू बहने लगे. वो चीख चीखकर कहने लगी कि उसके बेटे को किसी ने उससे छीन लिया है. लोगों ने बुजुर्ग महिला को काफी समझाने की कोशिश की लेकिन वो घंटों कटे पेड़ से लिपटकर रोती रही. बुजुर्ग महिला कभी कटे पेड़ के तने को देखकर उसे दुलारती तो कभी जोर जोर से रोने लगती. ऐसा लगा जैसे बुजुर्ग मां का बेटा ही उससे छिन गया हो.
90 साल की बुजुर्ग महिला देवला बाई को जिसने भी रोते बिलखते देखा उसकी आंखें भर आई. स्थानीय लोगों ने भी बताया कि देवला बाई ने पीपल का पौधा यहां लगाया था जो उसकी देखभाल की बदौलत अब वृक्ष बन चुका था. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पर सालों से लोग पूजा पाठ करते चले आ रहे हैं. गांव के लोग बताते हैं कि देवला बाई पर्व त्योहार के मौकों पर पीपल के पेड़ को रक्षा सूत्र भी बांधती और तिलक करती थी.पीपल के पेड़ से लोगों की बड़ी आस्था जुड़ी थी इतना हि नही गर्मी के दिनों में इंसान और मवेशी दोनोंपेड़ को नीचे आराम करते थे इसके बावजूद इस पेड़ को काट डाला.. पेड़ के कट जाने से अब देवला बाई गुमसुम सी हो गई हैं. लोगों का कहना है कि जिस जगह पर पेड़ था उस जगह पर किसी को भी कोई आपत्ति नहीं थी उसके बाद भी पेड़ को काटा गया ये बिल्कुल गलत है.
पीपल का पेड़ काटे जाने के विरोध में अब गांव वाले अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचे हैं. ग्रामीणों की शिकायत पर खैरागढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली है. अलग अलग धाराओं में मामला दर्ज कर पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के बाद उनको कोर्ट में पेश किया गया. जहां से पुलिस ने उनको न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है.
कहा गया है कि एक पेड़ 100 पुत्रों के समान होता है. क्यों कि यह हमारे भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए 100 पुत्रों की तरह ही अनगिनत लाभ प्रदान करता है. पीपल का पेड़ हमारे लिए जीवनदायी होता है. सबसे ज्यादा ऑक्सीजन इसी पेड़ से मिलता है ऐसा कहा जाता है. पीपल का पेड़ पर्यावरण को शुद्ध करता है, और इसके विभिन्न भाग औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. इसके आध्यात्मिक महत्व भी बहुत ज़्यादा है और इसे हिंदू धर्म में पवित्र माना गया है. देवला बाई, के रोने का वीडियो वायरल होने के बाद इस घटना को प्रकृति और आस्था के बीच के गहरे और भावनात्मक रिश्ते के रूप में देखा जा रहा है. वायरल वीडियो देख किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री ने ट्विट किया है
यह वाकई दिल दहला देने वाला दृश्य है. मुझे बताया गया कि ये छत्तीसगढ़ में हुआ है. बुजुर्ग महिला ने इस पीपल के पेड़ को आज से 20 साल पहले लगाया था. पेड़ को किसी ने काट डाला देख
This is such heart-wrenching scene!
𝐀𝐧 𝐞𝐥𝐝𝐞𝐫𝐥𝐲 𝐰𝐨𝐦𝐚𝐧 𝐰𝐞𝐞𝐩𝐬 𝐛𝐢𝐭𝐭𝐞𝐫𝐥𝐲- 𝐚𝐟𝐭𝐞𝐫 𝐏𝐞𝐞𝐩𝐚𝐥 𝐭𝐫𝐞𝐞 𝐬𝐡𝐞 𝐩𝐥𝐚𝐧𝐭𝐞𝐝 𝟐𝟎 𝐲𝐞𝐚𝐫𝐬 𝐚𝐠𝐨 𝐢𝐬 𝐜𝐮𝐭 𝐝𝐨𝐰𝐧😢
I'm told this occurred in the State of Chhattisgarh. #EkPedMaaKeNaam pic.twitter.com/7UeuSSmKAr— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) October 11, 2025

