क्रिसमस पर गिरिजाघरों में बताए गए प्रभु यीशु के संदेश, कहा-सात वचनों का जीवन में है बड़ा महत्व
तिल्दा नेवरा
तिल्दा नेवरा में गुरुवार को क्रिसमस डे का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सेंट थामा चर्च और एबी चर्च में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई. दोनों चर्च को रंगीन लाइटों से सजाया गया था। सुबह 9 से 10 बजे तक प्रार्थना सभा हुई, सेंट थामा चर्च में फादर प्रमेन्द्रसिह और एबी चर्च में अजय मसीह ने प्रार्थना कराई.. प्रार्थना में शांति और भाईचारे के लिए दुआएं मांगी गईं।

25 दिसंबर को क्रिसमस डे को लेकर ईसाई धर्मावलंबियों में उत्साह का माहौल रहा ।प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव को लेकर गुरुवार को गिरिजा घर गुलजार रहें .यहाँ पहले से ही प्रार्थना सभाओं की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। प्रभु यीशु के जन्मोत्सव के अवसर पर शहर के दोनों चर्च में गुरुवार को विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। प्रर्थना में शामिल होने 80 साल पुरानी सेंट थामा चर्च और मिशन कोलोनी गेट के सामने स्थित एबी चर्च में सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया।था .।

ऐसे क्रिसमस डे का जश्न बुधवार की आधी रात 12 बजे प्रभु यीशु.के जन्म लेने के साथ ही शुरू हो गया था . जैसे हि प्रभु यीशु. के जन्मलिया गिरजाघर में घंटिया बजने लगी. नवजात यीशु के प्रतिमा को गौशाला में स्थापित कर उन्हें नमन किया गया । मुख्य पुजारी ने विशेष प्रार्थना कराई और प्रभु के उपदेश को सुनाया.चर्च के बाहर व घरो में प्रभु यीशु के आगमन की खुशी में लोग ख़ुशी में झूमते आतिशबाजी करते रहे . और आधी रात एक-दूसरे के घर जाकर क्रिसमस की बधाई देकर खुशियां बांटते जन्म उत्सव के रंगमें रंगे रहे, इस मौके पर केक काटकर लोगो ने एक-दूसरे को गले मिलकर बधाई दी।
फादर प्रमेन्द्र सिह ने कहा यह त्योहार हमें जीवन में आशा, खुशी और दूसरों के प्रति दया का भाव रखने की प्रेरणा देता है. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रभु यीशु का जन्म शांति का प्रतीक है। शांति के लिए उन्होने जीवन भर प्रयास किए। संसार के ऐसे लोग जो मृत्युदंड पाने को है वे आज के दिन यीशु की प्रार्थना करे।इस मौके पर फादर ने प्रभु यीशु केकहे सात वचनों पर अमल करने के लिए प्रेरित किया उन्होंने संदेश,कहा इन सात वचनों का जीवन में बड़ा महत्व है प्रभु यीशु के वचनों को एक-एक करके बताया और जीवन में उनका महत्व भी समझाया।एबीचढ़ में फास्टर अजय मसीह ने भी प्रभु यीशु मसीह के संदेश पढ़े.चर्च बधाई गीत भी गूंजे

