राम के सेवक जवाहर नागदेव की राम… राम…
हे प्रभु इन्हें माफ मत करना। इन्हें इनके किये की सजा देना ताकि और लोग चेतें और किसी अन्य के साथ ऐसी नाइंसाफी न करें।
दिन भर शहर का कोना-कोना, प्रदेश का कोना-कोना, देश का कोना-कोना प्रज्वलित दिखा। नवरात्रि में चहुंओर माता के मंदिर में धूम दिखती है।
इस दिन को ‘ऐसा’ बनाने के लिये पूरा श्रेय देश के प्रधान नरेन्द्र मोदी को जाता है और ‘ऐसा’ न हो पाए इसका पूरा प्रयास करने का श्रेय मोदी विरोधियों को, देश विरोधियों को, हिंदु विरोधियों को जाता है। साफ कहें तो भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियो को छोड़कर अन्य सभी पार्टियों को जाता है। राजनीति के लिये, सत्ता के लिये भगवान से द्रोह कर बैठे। निम्नस्तरीय द्रोह।
कर्मों का फल विधि का विधान
कर्मों का फल विधि का विधान है। किसी भी काम का फल अवश्य मिलता है। किसी पाप की सजा अवश्य मिलती है। कोई पाप चाहे जानबूझकर किया जाए या अनजाने में उसका फल तो मिलेगा ही। इसका कोई अपवाद नहीं है।
जैसे कोई इंसान गलती से जहर खा ले और फिर ये कहे कि भूल से खा लिया। उसकी उद्देश्य ज़हर खाने का नहीं था, ज़हर जान कर नहीं खाया था तो क्या वो ज़हर के दुष्प्रभाव से बच जाएगा ? कतई नहीं। ज़हर तो अपना काम करेगा ही। ज़हर को जो नुकसान करना है वो होगा ही।
राममंदिर के विरोधियों ने
बहुत वेदना दी रामभक्तों को
जो कोफ्त, जो अपमान हिंदुओं ने हिंदुस्तान मे सहा है, वो अपने आप में एक मिसाल है। बरसों से देख रहे हैं। जब हम बच्चे थे तब से देख रहे हैं और आज वो हक प्राप्त हुआ है जब हमारे बच्चों के बच्चे बड़े हो रहे हैं। और हम ही नहीं हमसे पहले की पीढ़ियों ने इस नाहक दुराचरण को भोगा, बेहिसाब पीड़ा सही।
कौन हैं वे रामद्रोही, हिंदुविरोधी, हिंदुत्वविरोधी, हिंदुत्व को नष्ट करने का मंसूबा पाले हुए। रे नासमझ, हिंदुत्व है तो तुम हो। क्योंकि हिंदुत्व नृशंसता में विश्वास नहीं करता। हिंदुत्व सहअस्तित्व में विश्वास रखता है। कोई कांग्रेसी, कोई कम्युनिस्ट, कोई सपाई, कोई अन्य भाजपा विरोधी दल केवल और केवल इसलिये राम का विरोध करता रहा कि गैर हिंदु वोट छिटक न जाएं।
इन हिंदु विरोधी दलों के अपने ही हिंदु आज उनसे नाखुश हैं। इन्हीं दलों के अपने हिंदु रामद्रोहियों से नाखुश हैं।

