जगदलपुर में 210 नक्सलियों ने पुलिस के सामने अपने हथियार डाल दिए हैं। इनमें गुरुवार को बस्तर में सरेंडर करने वाले 140 और कांकेर में आत्मसमर्पण कर चुके करीब 60 नक्सली शामिल हैं। पुलिस लाइन में मंच पर मौजूद सभी नक्सलियों को भारतीय संविधान की किताब और एक गुलाब भेंट किया गया।
नक्सलियों को सरेंडर कार्यक्रम स्थल पर 3 बसों के जरिए लाया गया, जिनमें महिला नक्सलियों की संख्या पुरुषों से अधिक रही। सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) सतीश उर्फ टी. वासुदेव राव उर्फ रूपेश को अलग से कार से कार्यक्रम स्थल तक लाया गया।

रूपेश माड़ डिविजन में सक्रिय था और उस पर 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था, जबकि अन्य नक्सलियों पर 5 लाख से 25 लाख तक के इनाम थे। सरेंडर के लिए सभी नक्सली AK-47, INSAS, SLR और 303 राइफल जैसे हथियार लेकर आए थे।
सरेंडर करने वाले नक्सली बड़ी संख्या में अपने लीडर्स के साथ इंद्रावती नदी के उसपरी घाट पर पहुंचे थे, जहां से उन्हें बोट के जरिए बीजापुर पुलिस के पास लाया गया। जगदलपुर में सभी नक्सलियों को एक साथ सरेंडर कराया गया है।
छत्तीसगढ़ के DGP अरुण देव गौतम ने बताया कि जो युवा इस तरह से भटक रहे थे, वे बस्तर की जनता के लिए लड़ रहे थे लेकिन उन्हें पता चला कि वे वास्तव में बस्तर की जनता के लिए नहीं लड़ रहे, बल्कि उनका नुकसान कर रहे थे। बस्तर का विकास इतने साल में जो रुका था, अब अगर वे सभी मिलकर योगदान करेंगे तो बस्तर आगे बढ़ेगा।
सभी मिलकर योगदान करेंगे तो बस्तर आगे बढ़ेगा- DGP अरुण देव गौतम
छत्तीसगढ़ के DGP अरुण देव गौतम ने बताया कि जो युवा इस तरह से भटक रहे थे, वे बस्तर की जनता के लिए लड़ रहे थे लेकिन उन्हें पता चला कि वे वास्तव में बस्तर की जनता के लिए नहीं लड़ रहे, बल्कि उनका नुकसान कर रहे थे। बस्तर का विकास इतने साल में जो रुका था, अब अगर वे सभी मिलकर योगदान करेंगे तो बस्तर आगे बढ़ेगा।

