रायपुर;छत्तीसगढ़ राज्यसभा की दो सीटों के लिए भाजपा उम्मीदवार दिग्गज महिला नेत्री लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी नेताम निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। कांग्रेस ने फूलो देवी नेताम को, जबकि बीजेपी ने लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया था। दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारा। जिससे चुनाव निर्विरोध हुआ। रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें जीत का प्रमाणपत्र सौंपा।

प्रदेश भाजपा की मुखर नेत्री लक्ष्मी वर्मा के सांसद चुने जाने से प्रदेश की महिलाओं में खासा उत्साह है।गत 5 मार्च को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा की मौजूदगी में उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया। मूल रूप से बलौदाबाजार जिले के मुड़पार गांव की रहने वाली लक्ष्मी वर्मा पिछले तीन दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं और उन्होंने एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश उपाध्यक्ष तक का सफर तय किया है।बता दें कि लक्ष्मी वर्मा पिछले 30 सालों से राजनीति में सक्रिय है, वे पार्टी के कई बड़े पदों पर रही है। वहीं, फूलोदेवी नेताम बस्तर क्षेत्र से आने वाली आदिवासी नेत्री है। वे भी पार्टी के कई पदों पर रही है।

छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए बीजेपी ने लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया था। लक्ष्मी वर्मा वर्तमान में राज्य महिला आयोग की सदस्य हैं और भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं। महिला वर्ग में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है और वे लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं।

लक्ष्मी वर्मा रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी हैं और बीजेपी की प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी निभा चुकी हैं। राज्यसभा सीट के लिए बीजेपी हाईकमान ने 7 नामों के पैनल पर मंथन किया था, जिसमें से तीन नामों को अंतिम सूची में शामिल किया गया।
इनमें लक्ष्मी वर्मा, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी और नारायण चंदेल का नाम था। आखिर करीब 30 साल से राजनीति में सक्रिय लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा भेजने का फैसला किया गया।
वहीं, छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने फूलो देवी नेताम को दोबारा प्रत्याशी बनाया। वे वर्तमान में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। राज्यसभा में छत्तीसगढ़ के जिन सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें फूलो देवी नेताम का नाम भी शामिल है। कांग्रेस ने उन्हें दोबारा मौका दिया और वे निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो गईं

