सबसे ऊंचा बांस टावर..बांस कम पानी में ज्यादा लाभ देने वाली फसल है.
बेमेतरा-छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के कठिया गांव में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना सम्मलेन कार्यक्रम के तहत भारत का सबसे बड़ा और 140 फीट ऊंचा बैम्बू टावर का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल बेमेतरा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बना। इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत प्रदेश के कई मंत्री शामिल हुए।
कठिया गांव में 140 फीट ऊंचा बांस टावर का लोकार्पण केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वर्चुअली किया था. शुक्रवार को यहां छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना सम्मलेन कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में सीएम विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल बेमेतरा विधायक दीपेश साहू साजा विधायक ईश्वर साहू मौजूद रहे. विष्णुदेव साय ने कहा कि विश्व का सबसे ऊंचा बांस टावर छत्तीसगढ़ में स्थित है.
140 फीट ऊंचे बैंबू टावर पर तिरंगा: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 140 फीट ऊंचे बांस टावर पर तिरंगा फहराया. उन्होंने कहा कि यह संरचना केवल बांस का निर्माण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की परंपरा, कौशल, नवाचार और व्यापक संभावनाओं का प्रतीक है. विश्व का सबसे ऊंचा बैंबू टावर बनाकर राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है.
सीएम साय ने कहा कि बांस किसानों से जुड़ा हुआ उत्पाद है. बांस का दैनिक जीवन में काफी उपयोगी है. इसे आय का बड़ा साधन भी बनाया जा सकता है. छत्तीसगढ़ में सरकार की तरफ से बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए काम किया जाएगा. सीएम साय ने कहा कि पहले बांस पेड़ की गिनती में आता था जिससे इसे काटने और बेचने में काफी दिक्कत आती थी. लेकिन साल 2017 में पीएम मोदी ने वन अधिनियम में विशेष संशोधन कर बांस को घास प्रजाति में घोषित किया. जिससे इसकी खेती और बिक्री में काफी आसानी हुई.
सीएम साय ने बांस का पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और बांस आधारित कृषि के प्रसार की अपील की. मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर स्थापित बांस उत्पाद निर्माण इकाइयों, फैक्ट्रियों और प्रोसेसिंग केंद्रों को देखा और ग्रामीणों और कारीगरों से बात कर उनकी आजीविका के बारे में विस्तार से जानकारी ली.

