छत्तीसगढ़ सरकार ने गौ सेवा आयोग नियम 2005 में संशोधन कर जिला और ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। यह पहली बार है कि राज्य बनने के बाद इतनी व्यापक स्तर पर गौशालाओं के निरीक्षण और पर्यवेक्षण के लिए समितियों का गठन किया गया है। जिले और ब्लॉक में नियुक्त किए गए अध्यक्ष और सदस्य तीन वर्षों के कार्यकाल के लिए जिम्मेदारी संभालेंगे।
विजय अग्रवाल और सूरजपुर में विजय शर्मा जैसे वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं। इन समितियों का मुख्य उद्देश्य गौशालाओं के पंजीकरण, पर्यवेक्षण और जैविक खेती, पंचगव्य उत्पादन तथा गोशाला प्रबंधन के प्रशिक्षण कार्यों को सुनिश्चित करना है।
जारी आदेश के अनुसार जिला स्तरीय गौ सेवा समिति प्रत्येक दो माह में और ब्लॉक स्तरीय समिति हर माह बैठक करेगी। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष करेंगे, और उनकी अनुपस्थिति में सदस्यगण में से कोई एक सदस्य अध्यक्षता कर सकता है। बैठक का आयोजन और व्यवस्थापन समिति के सचिव द्वारा किया जाएगा।
अब पढ़े किसे मिली कहां जिम्मेदारी
| जिला | अध्यक्ष |
| रायपुर | लोमस कुमार यदु |
| दुर्ग | विजय अग्रवाल |
| बिलासपुर | धीरेंद्र दुबे |
| महासमुंद | निलेश पटेल |
| राजनांदगांव | जीवन वर्मा |
| कोरबा | विनय सिंह |
| जांजगीर–चापा | पुरुषोत्तम यादव |
| बलौदा बाजार | विजय साहू |
| मुंगेली | धनेश साहू |
| जीपीएम | रामजी श्रीवास |
| बालोद | योगेश्वर यादव |
नई गौशाला शुरू कराने में अहम भूमिका
जिला और ब्लॉक स्तरीय समितियों के माध्यम से गौशालाओं के निरीक्षण, अनुदान वितरण, अधोसंरचना की स्थिति, पोषण और पशुधन स्वास्थ्य की जानकारी गो सेवा आयोग को प्रस्तुत की जाएगी। इसके अलावा, गोशाला पंजीयन आवेदन विकासखंड समिति की अनुशंसा और जिला स्तरीय समिति की मंजूरी के बाद अनुमोदित होगा।
| जिला | अध्यक्ष |
| मोहला मानपुर–अंबागढ़ चौकी | चिंताराम |
| बेमेतरा | राजा पांडे |
| कबीरधाम | सुखचैन चंद्रवंशी |
| जशपुर | मदनराम सोनी |
| सरगुजा | संतोष जायसवाल |
| बलरामपुर | आशीष केशरी |
| धमतरी | हेमराज सोनी |
| कोरिया | रेवा यादव |
| बीजापुर | रविशंकर शुक्ल |
| दंतेवाड़ा | धनेश्वर दास |
| सुकमा | गुप्तेश्वर गंगबेर |
मुख्य उद्देश्य यह है कि राज्य की पंजीकृत गौशालाओं का सुचारू संचालन और ग्रामीणों को जैविक खेती तथा पंचगव्य उत्पादन में प्रशिक्षित किया जा सके। नई समितियों की स्थापना से न केवल गौशालाओं का विकास होगा बल्कि नई गौशालाओं की स्थापना और उनका पर्यवेक्षण भी प्रभावी तरीके से संभव होगा।
इस पहल के तहत सरकार ने जिला और ब्लॉक स्तर पर व्यापक निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की है, जिससे छत्तीसगढ़ में गोसेवा और पशुपालन के क्षेत्र में गुणवत्ता, दक्षता और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
| जिला | अध्यक्ष |
| बस्तर | महादेव कवासी |
| कोंडागांव | हेमचंद्र सिंह ठाकुर |
| कांकेर | सोनसाय साय |
| रायगढ़ | बंशी बेहरा |
| सूरजपुर | विजय शर्मा |
| मनेंद्रगढ़ | देवेंद्र सिंह |
| सारंगगढ़–बिलाईगढ़ | शनिराम साहू |
| गरियाबंद | प्रकाश निर्मलकर |
| सक्ती | विजय कुमार साहू |
| खैरागढ़–छुईखदान–गंडई | उत्तम राजपूत |
| नारायणपुर | सोमरू राम दुग्गा |
तीन साल का रहेगा कार्यकाल
जिला और विकासखंड स्तरीय समितियों के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति तीन वर्ष के लिए की गई है। हालांकि, राज्य शासन को यह अधिकार रहेगा कि वह आवश्यकतानुसार किसी भी समय इन नियुक्तियों को निरस्त कर सके। यह व्यवस्था प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

