तिल्दा नेवरा
तिल्दा नेवरा-इन दिनों शहर में एक झोला छाप डॉ काफी सुर्खियों में है.शहर के हर गलियारे में उनकी की बड़ी चर्चा है। बतया जाता है की शहर में जो भी कार्य होते हैं उनके बगैर पूछे आगे नही बढ़ते । फिर चाहे पालिका प्रशासन के निर्माण कार्य हो या किसी का निजी निर्माण का कार्य हो!यदि कोई अपनी जमीन पर मकान या दुकान का निर्माण करता है और डॉ साहब से सहमती नही ली गई होती है.तो निर्माण कराने वाले व्यक्ति के पास नगर पालिका से चल रहे निर्माण कार्य को रोके जाने का नोटिस पहुंच जाता है। इतना ही नही दुसरे दिन राजस्व विभाग कर्मी भी कार्य रुकवाने पहुंच जाते है।

आरोप है कि तथा कथित शहर के इस झोला छाप डॉ ने एक गैंग बना रखी है जिसमें कुछ दलाल नुमा लोगों के साथ कुछ भाजपा और कांग्रेस पार्षद भी शामिल है । इन लोगों के द्वारा यह जानकारीजुटाई जाती है की शहर में कहा और किसके द्वारा निर्माण कराया रहा है। उसके बाद नगर पालिका प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किया जाता है । इस कार्य में तहसील और एसडीएम कार्यालय के भी इनका सहयोग करते हैं।

कुछ दिन पहले एक ऑडियो वायरल हुआ था । जिसमें एक व्यक्ति के द्वारा सरकारी जमीन कब्जा कर पर दुकान का निर्माण कराया जा रहा था ।आडियो में डॉ निर्माण करा रहे उस व्यक्ति से मिलने के लिए कह रहा है। दरअसल निर्मार्ण कार्य शुरू करने के पहले उस व्यक्तिके द्वरा डाक्टर से सहमती नही नही ली गई थी । ऐसे शहर में कोई भी निर्माण कार्य होता है उसके लिए पहले डॉ साहब से सहमती लेनी पड़ती है।नहीं तो उस निर्माण कार्य को आधे में ही रोक दिया जाता है इसके की पक्के सबूत है । जिन लोगो नेअपने पुरखो जमीनों पर काम शुरू किया उनके निर्माण कार्य रुकवा दिए गए और वो कार्य एक सालों से रुके हुए पड़े हैं।बस गलती इतनी थी की बिना उनके बिना सहमती के निर्माण कार्य चालू कराया गया और डाक्टर खफा हो गए ।
नगर पालिका कार्यालय से निर्माण कराने वाले दो दर्जन से भी अधिक लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं. लेकिन समझौते के बाद उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि आज भी लोगों ने पालिका प्रशासन से जारी किए गए नोटिस को संभाल कर रखा है। अगर नोटिस जारी करने के खेल की जांच आवक जावक रजिस्टर से की जाए तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि यहां नोटिस के आड़ में कैसा धंधा चल रहा है। कई लोगो को जरी किए गए नोटिस में सील ठप्पा तो नगर पालिका लगा हुआ है.लेकिन नोटिस जरी करने की तिथि या जानकारी रजिस्टर में दर्ज नही है।
वार्ड नंबर 16 में मुर्गी मार्केट में दो-तीन मंजिले दुकान अवैध रूप से बन रहे हैं। जिस जगह पर ये दुकान बन रहे हैं ।उस जगह पर तिन दशक पहले नगर पालिका के द्वरा गरीबों को दुकान बनाकर किराए पर दिए गए थे । लेकिन पालिका प्रशासन की मिली भगत से उन दुकानों को बेचकर बड़ी-बड़ी दुकाने बनाई जा रही है ।
अभी एक और ताजा मामला सामने आया है जिसकी शहर में जमकर चर्चा हो रही है । दरअसल वार्ड 16 में लाखो की लागत से बनीएक पुराणी टंकी को जर्जर बताकर गिराया जा रहा है। और उस जमीन को बेच दिए जाने की चर्चा है. बताया जाता है कि 16 नंबर वार्ड के पार्षद ने टंकी को गिराने के लिए अपने लेटर पैड पर नगरपालिका को लिख कर दिया है। टंकी को गिराए जाने जाने वार्ड वासियों में रोष है। बताया जा रहा है कि इसके पहले भी दो टंकियां गिराई जा चुकी है। गिराई गई टंकियो की जमीन को लाखो रुपयों में बेच दिया गया,लेकिन पालिका के खाते में एक रुपया भी जमा नही किया गया है ,आज गिराई गई टंकी की जमीन पर बड़ी-बड़ी दुकान बन गई है।ये दुकाने नगर पालिका की नहीं बल्कि धन्ना सेठो की है।
लगभग दो महीने पहले गुरु घासीदास चौक के पास कई सालों से कुछ दुकानदार पिछले कई सालो से अपने ठेले और कच्चे दुकान बनाकर व्यापर करते आ रहे थे ,इसी बीच नगर पालिका के द्वारा सभी दुकानों और ठेलो को हटा दिया गया । दरअसल यहाँ विधुत विभाग का एक नया सब स्टेशन निर्माण कराया जाना प्रस्तावित था । अतिक्रमण हटाए जाने के बाद तत्काल सब स्टेशन निर्माण कार्य भी शुरू किया गया। अभी सब स्टेशन का कार्य पूर्ण भी नही पाया है इसके पहले डॉ साहब ने पालिका प्रशासन की मिलीभगत से अतिक्रमणकारियों को दोबारा उसी जगह पर अवैध कब्जा करने की अनुमति दे दी ।,जहा से उन्हें पालिका प्रशासन के नोटिस देने के बाद पालिका प्रशासन के काफिले ने हटाया था ।
क्या कहते सी एम ओ..
इस संदर्भ में जब नगर पालिका अधिकारी अनिश ठाकुर से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि वार्ड 16 के पार्षद के द्वारा टंकी की हालत जर्जर बताकर गिराने की मांग की गई है। जबकि पार्षद किरण बाला का कहना है कि उसे पालिका की ओर से बतया गया की टंकी जर्जर हो चुकी है इसीलिए लेटर पैड पर सहमती मांगी गई ।हलाकि किसी भी सरकारी संपत्ति को गिराने के पहले इंजीनियर या जिम्मेदार अधिकारी से जानकारी व सहमती ली जाती है उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाती है।
नगर पालिका अधिकारी ठाकुर से जब पूछा गया कि पालिका प्रशासन के द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद भी अवैध निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहे हैं ।ऐसे लोगो पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जारही है। जवाब उन्होंने कहा कि मैं इस मामले की जांच करवाता हूं, यदि नोटिस देने के बाद भी अवैध कार्य है का निर्माण किया जा रहा है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका अधिकारी ने कहा कि गुरु घासीदास चौक के पास जिन दुकानों को हटाया गया था उन्हें दुकानदारों के द्वारा इस जगह पर फिर से अवैध कब्जा किए जाने की जानकारी मुझे नहीं है मैं इस मामले जांच कराई जाएगी। बताया जाता है कि शहर में हो रहे अतिक्रमण और टंकी गिरांए जाने के मामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक और मंत्री टंकराम वर्मा ने भी गंभीरता से लिया है और इस बात पर नाराजगी भी जताई है।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने कहा एक जिम्मेदार पद पर आसीन महिला के पति तथाकथित डॉक्टर अपने शहर में एक प्रकार से आतंक मचा रखा है उन्होंने कहा कि मुझे कई शिकायतें लोगो ने लिखित में दी है यदि उनके अवैध कार्यों और वसूली पर रोक नहीं लगाई गई तो कांग्रेस बहुत बड़ा आंदोलन करेगी ।कांग्रेस के शहर अध्यक्ष अजितेश शर्मा ने कहा कि निर्माण कार्य को लेकर लूट मची हुई है, एक कांग्रेसी नेता ने आरोप लगाया कि शहर में डॉक्टर के नेतृत्व में एक गैंग चल रही है जिनके द्वारा गुंडा टैक्स की तरह वसूली की जा रही है उन्होंने कहा कि आज तक कबड्डी और वार्डों में दारू बेचने व सट्टा खिलाने वालों से पैसे लेने के आरोप पुलिस पर लगाते थे लेकिन लोगों का कहना है कि इस तरह के काम करने वालों से भी महीना बढ़ने की बात कही जा रही है।

