बलौदाबाजार-बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री को लेकर विवाद अब हिंसक रूप ले चुका है। ग्रामीणों के साथ मारपीट की घटना के बाद गुस्साए लोगों ने एकजुट होकर आरोपियों को सबक सिखा दिया। बताया जा रहा है कि अवैध शराब की शिकायत करने वाले ग्रामीणों के साथ पहले दबंगों ने मारपीट की। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पलटवार करते हुए चार आरोपियों की जमकर पिटाई कर दी और उन्हें पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
हालांकि, मुख्य आरोपी अपने एक साथी के साथ मौके से फरार हो गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।पुलिस ने इस मामले में भागवत थवाईत, संतोष थवाईत, राजेश थवाईत, संजू थवाईत और शंकर दुबे को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं फरार मुख्य आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है और उसका वांटेड पोस्टर भी जारी कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, मुख्य आरोपी भागवत थवाईत ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कसडोल का ग्रामीण अध्यक्ष बताया जा रहा है, जबकि उसके चाचा राजेश थवाईत भाजपा से पूर्व जनपद सदस्य रह चुके हैं। ऐसे में इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कटगी गांव के सर्वा मोड़ पर संचालित ढाबे में लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री हो रही थी। शिकायत के बावजूद आरोपियों द्वारा राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर ग्रामीणों को धमकाया जाता था।
बताया जा रहा है कि मंगलवार रात एक ग्रामीण के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद बुधवार को भी आरोपियों ने गांव में घूम-घूमकर लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश की। इसी से नाराज होकर ग्रामीणों ने एकजुट होकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि अवैध शराब के धंधे के एवज में पुलिस को मोटी रकम दी जाती थी और स्थानीय स्तर पर भी कुछ लोगों को पैसे देकर यह कारोबार खुलेआम चलाया जा रहा था। यहां तक कि ग्राम पंचायत के सरपंच पर भी हर साल 50 हजार रुपए लेने का आरोप लगाया गया है।
इस मामले में एसडीओपी केके वासनिक ने बताया कि मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और फरार आरोपियों भागवत, सूर्या की तलाश जारी है। भागवत के खिलाफ इनाम घोषित किया गया है। मामले वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
कुल मिलाकर, अवैध शराब, दबंगई और राजनीतिक संरक्षण के आरोपों के बीच बलौदाबाजार का यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। देखना होगा कि जांच में क्या सच सामने आता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

