रायपुर-कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आज कोतवाली थाने के बाहर जमीन पर बैठकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। कांग्रेस का कहना है कि यह प्रदर्शन भाजपा नेताओं की ‘बुद्धि-शुद्धि’ के लिए किया गया है, ताकि धर्म और आस्था का राजनीतिक इस्तेमाल बंद हो।
दरअसल अहमदाबाद में मकर संक्रांति के दौरान भगवान हनुमान की तस्वीर वाली पतंग उड़ाए जाने से शुरू हुआ विवाद अब सियासी तकरार में बदल गया है। इस घटना के बाद भाजपा प्रवक्ता के गौ माता से जुड़े बयान को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। दोनों मामलों को हिंदू आस्था पर हमला बताते हुए कांग्रेस ने राजधानी रायपुर में अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मकर संक्रांति जैसे पवित्र पर्व पर अहमदाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की मौजूदगी में भगवान हनुमान की तस्वीर वाली पतंग उड़ाई गई। कांग्रेस का कहना है कि पतंग का कटना और पैरों में आना सनातन परंपरा के खिलाफ है और इससे करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
विवाद यहीं नहीं रुका। इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी के गौ माता को लेकर दिए गए बयान पर भी कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गौ माता की प्रजातियों में विभाजन और मिथुन प्रजाति को लेकर दिया गया बयान आपत्तिजनक है और इसे भाजपा का छद्म हिंदुत्व बताया।रायपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने कहा कि धर्म के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा आज अपने ही बयानों और कृत्यों से कटघरे में खड़ी है। उन्होंने कहा कि एक ओर भगवान हनुमान को पतंग बनाकर आसमान में उड़ाया गया, वहीं दूसरी ओर गौ माता को लेकर दिए गए विवादित बयान ने सनातनी समाज को झकझोर दिया है।
कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे मामले को लेकर रायपुर पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि जब तक आस्था से जुड़े इन मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक उनका चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।

