सत्संग, भजन-कीर्तन और भंडारे में उमड़ा जनसैलाब, पार्षद रानी सौरभ जैन ने दिया सामाजिक समरसता का संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत गुरु महिमा पाठ के साथ हुई, जिसके बाद संतों एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा कबीर वाणी पर आधारित भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए गए। सत्संग के दौरान संत कबीर के साखियों और सबदों के माध्यम से सामाजिक समरसता, मानवता, भाईचारे और आडंबर मुक्त जीवन के संदेशों को विस्तार से बताया गया। कबीर वाणी सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर वार्ड पार्षद एवं भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रानी सौरभ जैन विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि संत कबीर ने समाज को सत्य, प्रेम और समानता का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी समाज को जोड़ने और कुरीतियों को समाप्त करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन हमारी परंपराओं को सहेजने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शीतल पेय एवं शरबत की व्यवस्था की गई थी। सत्संग के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम का संचालन शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ।
समिति पदाधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और सर्वकल्याण की कामना के साथ प्रतिवर्ष कबीर प्राकट्य उत्सव का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी श्रद्धालुओं की बड़ी सहभागिता ने आयोजन को भव्य और यादगार बना दिया।

