14 जनवरी मकर संक्रांति तक कथा-प्रवचन नित्य पूजन धार्मिक अनुष्ठान होंगे.
तिल्दा नेवरा -आज सोमवार 16 दिसंबर से खरमास शुरू होगा। सूर्य के धनु राशि में रविवार देर रात प्रवेश कर चुका है। अब 14 जनवरी मकर संक्रांति तक कथा प्रवचन नित्य पूजन-हवन आदि धार्मिक अनुष्ठान छोड़कर मांगलिक कार्य नहीं होंगे ।बावजूद इसके इस एक माह की अवधि में पडने वाले कई शुभ योगों में आवश्यक वस्तुओं की खरीदी और बुकिंग की जा सकती है। खरमास में सूर्य की उपासना का विधान है ।अनेक ज्योतिषियों का मत है कि अति आवश्यक होने पर खरमास [मलमास ]में जो शुभ योग और शुभ मुहूर्त होते हैं उनमें खरीदी करने पर कोई दोष नहीं लगता। नए वस्त्र और नए आभूषण खरीदे जा सकते हैं; पर उन्हें मकर संक्रांति के बाद धारण करना अत्यंत शुभ होगा।भूमि पूजन भवन और अन्य वस्तुएं खरीदी जा सकती है ।भूमि पूजन और नए भवन में प्रवेश खरमास समाप्त होने के बाद किया जाना चाहिए।
अब 15 जनवरी से जून तक होंगे विवाह..
पंडित संतोष शर्मा ने बताया कि 22,27 ,29,30 दिसंबर 5,7 और 11 जनवरी को सर्वार्थ सिद्धि 7 और 11 जनवरी को अमृत सिद्धि 17 और 18 दिसंबर त्रीपुष्कर योग 17, 22 दिसंबर और 5 जनवरी को विशेष योग रहेगा। इन योगों में आवश्यक वस्तुओं की खरीदी कर पूजा घर में रखने के बाद इनका उपयोग करना शुभ रहेगा। संक्रांति तक विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं होंगे ।रविवार 15 दिसंबर को अंतिम विवाह मुहूर्त था और अब 15 जनवरी से विवाह मुहूर्त शुरू होंगे। जो जून माह तक चलेंगे।
धनु राशि में बाघ पर सवार सूर्य देव का उपवन अश्व रहेगा.
पंडित आचर्य पवन जी रीवा वाले ने बताया कि इस बार सूर्य देव का धनु राशि में बाघ पर सवार होकर प्रवेश हुआ है । उनका उप वाहन अश्व रहेगा संक्रांति नक्षत्र घोरा नाम का है। इसके परिणाम स्वरुप सरकार और जनमानस के बीच कई लंबित मामले सुलझाने में सामंजस्य की स्थिति बनेगी।

