तिल्दा नेवरा के अल्ट्राटेक सीमेंट बैकुंठ में अपनी मागो को लेकर श्रमिकों ने हड़ताल शुरू कर दी है ।मंगलवार सुबह अल्ट्राटेक के मजदूरों और HR विभाग के अधिकारियों के बीच जमकर विवाद हुआ। मजदूरों का कहना है कि अल्ट्राटेक के अधिकारियों के द्वारा मजदूरों को गालियां दी गई,जिससे मजदूर और संयंत्र के अधिकारी आमने-सामने हो गए। उसके बाद मजदूर सीमेंट संयंत्र के गेट के सामने बाहर में धरने पर बैठ गए हैं.. वहीं रात पाली वाले मजदूर संयंत्र के अंदर काम बंद कर विरोध कर रहे हैं। मजदूरों की हड़ताल को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। तिल्दा एसडीएम और अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद है. लेकिन किसी भी अधिकारी ने मजदूरों से संपर्क नहीं किया है । मजदूरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी तब तक वह हड़ताल पर बैठे रहेंगे।
मजदूरों के बताए अनुसार कुछ दिन पहले संयंत्र से 150 ठेकेदार मजदूरों को कम से हटा दिया गया था। जिसका विरोध संयंत्र के तीन यूनियन नेताओ ने मिलकर विरोध किया था।साथ ही अधिकारियों से मजदूरों को तत्काल बोनस दिए जाने.और कम से निकले गए श्रमिको को वापस कम दिए जाने की मांग की गई थी। उसके बाद संयंत्र के द्वारा श्रमिकों के खातों में बोनस की आधी राशि डाल दी गई .. लेकिन निकाल गए मजदूरों को वापस रखने की बजाय बाहर से मजदूरों को लाकर उनसे काम कराए जाने लगा । जब इसकी जानकारी मजदूर नेताओं को हुई तो उन्होंने इस संदर्भ में प्रबंधन से चर्चा की। मजदूरों ने बताया कि प्रबंधन के अधिकारियों द्वारा उन्हें धमकी दी गई की यदि ज्यादा विरोध करोगे तो सभी को निकाल दिया जाएगा। उसके बाद कुछ मजदूरों को काम से निकाले जाने का नोटिस दे दिया गया। इसी बीच सोमवार को जब रात पाली में श्रमिक काम करने पहुंचे तो कुछ मजदूरों को गेट पर रोक दिया गया. जिससे मजदूर आक्रोशित हो गए,और गेट पर रोके गए मजदूर को अंदर आने की मांग करने लगे। बाद में मजदूर को गेट से अंदर तो किया गया लेकिन उनसे काम नहीं कराया गया।
आज मंगलवार सुबह जब इस बात की जानकारी अन्य मजदूर और श्रमिक नेताओं को हुई तो वे प्रबंधन के निर्णय का विरोध करने लगे। इसी बीच HR विभाग में पदस्थ एक अधिकारी अन्य अधिकारियों के साथ गेट पर विरोध कर रहे मजदूरों के पास पहुंचा और उनके साथ गाली गलौज करने लगा. जिससे विवाद बढ़ गया और बात झुमा झटकी तक पहुंच गई। उसके बाद सुबह जनरल पाली में कम करने आए सारे मजदूर प्रबंधन के विरोध मैं नारेबाजी करते हुए हड़ताल पर बैठ गए। मजदूरों ने बताया कि HR विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के द्वारा मजदूरों के साथ न केवल गाली गलौज करते हैं बल्कि उन्हें धमकी देते हैं कि वह और कई कारखाने में काम कर चुके हैं और मजदूरों को सबक सीखा चुके हैं। मजदूरों का कहना है कि हमने इस फैक्ट्री को खून से सींचा है। आज हमारा हक मार कर दूसरे मजदूरों को लाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ सीमेंट खदान यूनियन संघ के अध्यक्ष नरेंद्र यादव का आप है कि प्रबंधन के द्वारा उन्हें ना तो बोनस दिया जा रहा है, और ना ही सुविधा दी जा रही है। मांग करने पर प्रबंधन के द्वारा धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी तब तक हम धरना प्रदर्शन करते रहेंगे।
इस संदर्भ में संयंत्र के अधिकारिबाईट यों कहना है कि मजदूरों के द्वारा लगाया गया आरोप निराधार हैं। उन्हें वह सारी सुविधाएं दी जाती है जो नियम में आती है। हालांकि अधिकारी कैमरे के सामने नहीं आए। मजदूरों का कहना है कि अब लड़ाई आर पार की होगी निकल गए मजदूरों को जब तक वापस नहीं लिया जाएगा तब तक हम हड़ताल जारी रखेंगे।हड़ताल पर बैठे मजदूरों का समर्थन करने कांग्रेस के नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी और जिला पंचायत सदस्य शैल साहू के पति महेंद्र साहू भी मजदूरों के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचे। नेताओं ने कहा मजदूरों के साथ होने वाले अन्य का खुलकर विरोध किया जाएगा। तिलदा से वी सी एन टाइम्स की रिपोर्ट

