सुहेला -अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र में मंगलवार को ऑक्सीजन सिलेंडर के फटने से संयंत्र के अंदर काम कर रहे तीन मजदूरों की हुई मौत के मामले में कंपनी प्रबंधन और मृतक परिवार के बीच समझौता हो गया है।लेकिन इस हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर का दंभ भरने वाली अल्ट्राटेक कंपनी की पोल खुलकर सामने आ गई है।संयंत्र के अंदर होने वाले ज्यादातर हादसों की खबर बाहर नहीं आने दी जाती है..
यहां काम करने वाले मजदूरों को इतना डराकर रखा गया है कि वे सब कुछ जानने के बाद भी संयंत्र के अंदर होने वाली दुर्घटनाओं की जानकारी देने से कतराते हैं. मजदूरों को साफ कह दिया गया है कि यदि अंदर की बात बाहर बताएंगे तो उनको नौकरी से निकाल दिया जाएगा…| लेकिन इस हादसे को प्रबंधन इसलिए नहीं छुपा पाया कि सिलेंडर फटने के बाद इतना बड़ा धमाका हुआ था कि संयंत्र के अंदर काम करने वाले लोगों की रूह कांप उठी थी.. इतना ही नहीं आसपास के गांव के लोग भी अपने घरों से बाहर आ गए थे..तीनों मजदूरों के शवो के चीथड़े-चीथड़े हो गए थे,,|
इस घटना के बाद जब मजदूर आक्रोशित होकर कंपनी के विरोध में सामने आ गए तब अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र का प्रबंधन मामले की जांच कराने की बात कहकर आखरी तक पल्ला झाड़ने का प्रयास करता रहा । और इस मामले में ठेकेदार को सामने कर समझौते की बात करता रहा जिसमें कंपनी सफल भी हुई है क्यों कि मृतक परिवार काजू लिखित समझौता हुआ है वह ठेकेदार के साथ हुआ है । जिसमें यह स्पष्ट लिखा गया है कि परिजनों को कंपनी में स्थाई नौकरी न देकर ठेकेदार के अंदर ही नौकरी दी जाएगी साथ ही ₹35 लाख मुआवजा राशि देने की भी बात कही गई है.. समझौते के अनुसार मृतक के परिजनों को नगद 5 लाखों रुपए दिया गया |

