21 अक्टूबर को हड़ताली मजदुर दिवाली का दिया मंत्री टंकराम वर्मा के सरकारी घर पर जलाएगे
तिल्दा नेवरा के बैकुंठ सीमेंट वर्क्स अल्ट्राटेक में चार सूत्रीय मांगो को लेकर श्रमिकों द्वारा की जा रही हड़ताल के ग्यारहवें दिन संयुक्त ट्रेड यूनियन के अगुवाई में श्रमिक अधिकार रैली निकाली गई ..इस रैली में सयंत्र में कार्यरत श्रमिकों के साथ उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हुए.रैली में श्रमिक बैकुंठ सीमेंट वर्क्स अल्ट्राटेक के प्रबंधन की तानाशाही रवैया के विरोध में नारेबाजी करते चल रहे थे।सयंत्र के मेन गेट से शुरू हुई श्रमिक अधिकार रैली 12 किलो मीटर पैदल तय कर तिल्दा SDM कार्यालय पहुंची. .और ट्रेड यूनियन के नेताओ ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री के नाम पर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

तिल्दा के बैकुंठ में 55 साल पहले सेंचुरी सीमेंट के नाम से संयंत्र की स्थापना की गई थी। लेकिन पिछले 8-10 सालों से संयंत्र को सीमेंट वर्क्स अल्ट्राटेक आदित्य बिडला ग्रुप द्वारा संचालित किया जा रहा है। श्रमिकों का आरोप है कि जब से अल्ट्राटेक द्वारा इस फैक्ट्री को चलाया जा रहा है। तब से मजदूरों के साथ प्रबंधन के द्वारा तानाशाही रवैया अख्तियार कर मजदूरों के साथ शोषण किया जा रहा है।

मजदूरों ने कहा कि जहां से हमें रोजी-रोटी मिलती है. हमारा परिवार पलताऔर चलता है। आखिर हम बेवजह हड़ताल क्यों करेंगे ।संयुक्त ट्रेड यूनियन के महासचिव कमलेश वर्मा का आरोप है कि संयंत्र प्रबंधन जान बूझकर अडियल रवैया अपनाया हुआ है। और मजदूरों को एक-एक कर झूठे आरोप लगाकर निकालकर बाहर से नए मजूदर लाकर उनसे काम कराया जा रहा है। जिसका मजदूर विरोध कर रहे हैं .आज .हालत ये है कि संयंत्र पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है।उन्होंने कहा की सयंत्र प्रबंधन को मजदूरो के साथ बैठकर समाधान करना चाहिए ,ताकि मजदुर अपने घरो में दीवाली मना सके मजदुर नेता ने कहा की विवाद को सुलझाने स्थानीय प्रशासन, विधायक मंत्री को प्रयास करे और सयंत्र को तत्कालचालू कराए..
श्रमिक नेता नरेंद्र यादव कहना है पिछले दो वर्षों से बैकुंठ सीमेंट प्रबंधक के तानाशाही रवैए की शिकायत शासन प्रशासन से की जाती रही है, 9 सितम्बर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम पर उनके सचिव पी दयानंद को मंत्रालय में पत्र देकर बैकुंठ सीमेंट वर्क्स प्रबंधन एवं श्रमिकों की समस्याओं और मांगों पर हस्तक्षेप करने निवेदन किया गया था ।लेकिन समय रहते शासन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया जिसके चलते प्रबंधक और श्रमिकों के बीच का विवाद -तनाव में बदल गया श्रमिको पिछले बारह दिनों से हड़ताल पर बैठे हुए हैं,मजदूरो ने कहना है की प्रबंधन वार्ताके लिए तैयार नही है.
श्रमिकों द्वारा प्रबंधन के तानाशाही रवैया के खिलाफ शुक्रवार को विरोध जताते हुए श्रमिक अधिकार रैली बैकुंठ सीमेंट सयंत्र के मेन गेट से एसडीएम कार्यालय तिल्दा-नेवरा तक निकालकर मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग किया गया कि बैकुंठ सीमेंट वर्क्स को तत्काल चालू किया जाए एवं निलंबित श्रमिक प्रतिनिधियों को नि:शर्त वापस लेते हुए जो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. उसे वापस लिया जाए एवं रोके गए बोनस को दिया जाए और 150 श्रमिकों को भी काम पर वापस लिया जाए। मजदूर नेता पवन ठाकुर ने बताया कि 11 फरवरी को वे सेवा निरवित होने वाले हैं, लेकिन प्रबंधन षड्यंत्र कर उसे पहले ही हटाने की साजिश रच रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की मांगे पूरी नहीं हुई तो प्रधानमंत्री के रायपुर आगमन पर मजदूर विरोध करने रायपुर जाएंगे।पवन ठाकुर ने कहा कि 21 नवंबर को पुराना विधानसभा से रैली निकालकर हड़ताली मजदूर पैदल, मंत्री टंकराम की सरकारी आवास पर जाकर विरोध स्वरूप दिया जलाएंगे..
दूसरी तरफ हडताल पर बैठे श्रमिकों को अब आसपास गांव के जनप्रतिनिधि .पंच. सरपंच. जनपद सदस्य जिला पंचायत सदस्य भी खुलकर समर्थन दे रहे हैं .और मजदूरों की मांगों को जायज बता रहे हैं। कांग्रेस के नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी लगातार मजदूर के साथ धरने पर आकर बैठ रहे हैं । श्रमिकों के द्वारा निकाली गई रैली में बहेसर, कुंदरू, टंडवा के सरपंच और जल प्रतिनिधियो के साथ मजदूरों के परिजन भी हड़ताल शमिल हुए । छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल भी अपने साथियों के साथ मजदूर को समर्थन देने धराना स्थल पर पहुंचे थे।
उधर प्रबंधन का कहना है कि हमने किसी मजदूर को कम से नहीं निकाला है,जिन मजदूरों को टेंपरेरी रखा गया था उन्ही मजदूरों को हटाए जाने के लिए नोटिस जारी किया गया था। मजदूरो और प्रबंधन के बीच वार्ता नहीं होने के कारण हड़ताल समाप्त होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। मजदूरों का कहना है कि हमारी मांगे जायज है जब तक पूरी नहीं होगी हम हड़ताल पर बैठे रहेंगे। मजदूर नेताओं ने कहा कि हम मैनेजमेंट के साथ वार्ता के लिए तैयार है। तिल्दा नेवरा से वीसीए टाइम्स की रिपोर्ट

