रायपुर-छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल पर रायपुर पुलिस ने 5,000 रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस अमित बघेल की तलाश में लगातार कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी से बचने के लिए बघेल अपने परिचित के घरों में छिप रहे हैं। पुलिस का दावा है कि अमित बघेल की जल्द गिरफ्तारी करेगी।
अमित बघेल अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट जा सकते हैं। ऐसे में अग्रिम जमानत का विरोध करने की तैयारी भी चल रही है। इसके लिए हाईकोर्ट में कैविएट लगाया गया है। जिसमें कहा गया है कि अमित बघेल को किसी भी तरह से अंतरिम राहत देने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए।अखिल भारतीय संत समिति ने रायपुर के दूधाधारी मठ में आयोजित विशेष बैठक में अमित बघेल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। बैठक में छत्तीसगढ़ी-सिंधी समाज के संत भी मौजूद रहे। उन्होंने अमित बघेल के बयानों को गलत बताया। समिति ने कहा कि छत्तीसगढ़ियावाद के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है, जिसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बैठक में महंत रामसुंदर दास, राजीव लोचन महाराज, महा मंडलेश्वर सर्वेश्वर दास, रामरूप दास, सीताराम दास, बसंत बिहारी दास, राधामोहन दास, अवधबिहारी दास और संत युधिष्ठर लाल मौजूद थे।वहीं भूपेश बघेल ने कहा कि अमित बघेल की गिरफ्तारी पर सरकार या मंत्रियों की ओर से अब तक कोई बयान नहीं आया है। इस पर बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने जवाब देते हुए कहा कि भूपेश बघेल अपना एजेंडा चलाने के लिए क्षेत्रीयता का जहर बो रहे हैं।
बता दें कि अमित बघेल की तलाश में पुलिस ने 9 अक्टूबर को छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के शिवेंद्र वर्मा (निवासी सड्डू) और अजय यादव के धरमनगर टिकरापारा स्थित निवास पर पुलिस ने छापा मारा था। पुलिस ने उनसे पूछताछ की। जबकि कई टीमें राज्य के अलग-अलग जगहों पर तलाश में जुटी हैं।
छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने को लेकर 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज, सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल जी पर टिप्पणी की थी। अमित बघेल के बयान के बाद अग्रवाल समाज और सिंधी समाज ने प्रदेशभर और देशभर में प्रदर्शन किया।
अमित बघेल के खिलाफ रायपुर के अलावा छत्तीसगढ़ और देश के अलग-अलग थानों में FIR दर्ज है। इनमें रायपुर, दुर्ग, धमतरी, इंदौर, ग्वालियर, नोएडा, महाराष्ट्र और प्रयागराज शामिल है। अग्रवाल समाज और सिंधी समाज ने रायपुर के अलग-अलग थानों में FIR दर्ज कराई है।

