तिल्दा-नेवरा-तिल्दा के कोनारी गाव में अवैध मुरूम उत्खनन के खिलाफ माइनिंग विभाग ने कार्रवाई की है। शनिवार को जनता की शिकायतों के बाद प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर एक जेसीबी, एक ट्रैक्टर जब्त किया है ।
तिल्दा इलाके में लगातार अवैध माइनिंग और परिवहन की शिकायत के बाद खनिज अधिकारी इसे रोकने के लिए खुद मौके पर पहुंच रहे हैं.ग्राम कोनारी अवैध मिट्टी उत्खनन की शिकायत पर माइनिंग अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर एक जेसीबी और ट्रेक्टर जब्त किया है. जप्त जेसीबी और ट्रेक्टर को जब्त कर तिल्दा थाने लाया गया.मामले में खनिज अधिकारी के अनुसार खनिज अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.।
ऐसे तिल्दा क्षेत्र में मुरुमके अवैध उत्खनन का कार्य बेखौफ रूप से चल रहा है। इस धंधे में ज्यादातर लोग नेतागिरी से जुड़े हुए हैं। कहीं सरपंच तो कहीं जनपद सदस्य और कहीं जिला पंचायत सदस्य और विधायक अथवा मंत्री से जुड़े लोगो के देखरेख में मुरूम का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। तिल्दा के आसपास ग्राम पंचायत देवरी, कोटा ,कोहका घुलघुल,छपोरा सहित अन्य गांव में खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर अवैध खनन किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि जिन जगहों पर अवैध खनन हो रहा है उसकी जानकारी संबंधित विभाग या तिलदा के एसडीएम तहसीलदार को नहीं है। इन जिम्मेदार अधिकारियों को सब कुछ मालूम है कि कौन व्यक्ति किस गांव में मुरूम का अवैध उत्खनन कर रहा है। लेकिन ये अधिकारी राजनीति आड़े आने के कारण कार्रवाई करने से दुरी बना लेते है । तो कहीं पर इस धंधे से जुड़े लोगों से मिलने वाली बंधी बुधाई राशि कार्रवाई को रोक देती है। कांग्रेस के नेता विजय हरिरमानी ने आरोप लगाते हुए दावा किया कि खनिज उत्खनन के धंधे से जुड़े लोग अधिकारियों को प्रति माह लाखों रुपए की राशि पहुंचाते हैं।
उन्होंने दावा किया कि कुछ ऐसे लोग हैं जिनकी शिकायत करने के बाद अधिकारी उनको आने के पहले सूचना देकर सतर्क देते हैं, उसके बाद वे लोग जेसीपी और ट्रैक्टरों को उस स्थान से हटा देते हैं। बताया जाता है कि तिल्दा में प्रतिदिन 200 से भी अधिक हाईवा मुरूम का उत्खनन कर सरकार को लाखों रुपए की रॉयल्टी का चुना लगाया जाता है। इस व्यवसाय से जुड़े कई लोग उत्खनन के लिए नियमानुसार परमिट ले आते हैं, और एक रॉयल्टी की पर्ची पर 50 से अधिक हाईवा अवैध रूप से खनन कर बाजार में बड़ी क़ीमत पर बेचते हैं। 15 दिन पहले रेत ले जा रही आठ हाईवा को माइनिंग विभाग ने जब्त कर उन सभी पर माइनिंग एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। चार-पांच दिनों के बाद सभी हाईवा जुर्माना पटा कर छूट गए। और अब वही हाइवा फिर से फिर से बिना रॉयल्टी के रेत ले जा रहे हैं।
ऐसे माइनिग विभाग का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं, उसी आधार पर माइनिंग विभाग द्वारा यह कार्रवाई की गई। माइनिंग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अवैध खनन के खिलाफ लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध खनन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

