तिल्दा नेवरा–तिल्दा तहसील के अल्दा ग्राम पंचायत मैं प्रस्तावित बालाजी स्पंज एवं पावर के लिए पर्यावरण स्वीकृति के लिए 25 अप्रैल को आयोजित की गई जनसुनवाई का ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन पर स्पंज पावर लगाए जाना प्रस्तावित है उस जमीन को 20 साल पहले एक ट्रैक्टर कंपनी के द्वारा खरीदी की गई थी। लेकिन अब वहां कारखाना खोलने की योजना बनाई गई है।अल्दा के ग्रामीणों ने कहा कि हम अपने गांव में फैक्ट्री नहीं खुलने देंगे। इसके लिए गुरुवार को गांव में 3 बार बैठककर एक स्वर में विरोध करने का निर्णय लिया गया .
बताया जाता है प्रस्वाविस स्पंज एवं पावर के लिए जनसुनवाई के लिए गांव के बाहर तालाब के पास पंडाल लगाया गया था जिसमें ग्रामीणों ने आग लगा दी … उधर फैक्ट्री के विरोध में न केवल अल्दा बल्कि पास के ग्राम पंचायत सरफोगा, तुलसी, मानपुर, परसदा बोईरझिटी भटभेरा, के सरपंच और पांच भी विरोध में आ गए हैं।
ग्रामवासी मोहित राम, वर्मा कृष्ण कुमार वर्मा, राजाराम वर्मा, अश्वनी वर्मा, टिकेश्वर वर्मा सरफोगा,ग्रामीणों का कहना है कि जनसुनवाई के पहले ना ग्राम पंचायत से एनओसी ली गई है ना ही ग्रामीणों से कोई बात हुई है कुछ राजनीति पहुंच रखने वाले तथा कथित दलाल नेताओं के द्वारा जनसुनवाई के लिए समर्थन करने का वादा कर पंडाल लगा दिया गया था। हमारी मांग है की जनसुनवाई को रद्द किया जाए। अन्यथा प्रस्तावित कारखाने का खुलकर विरोध किया जाएगा। ग्रामीणों ने इस बात पर दुख जताया कि प्रबंधन से मिलकर कुछ नेता पैसों की लालच में ग्रामीणों को आपस में लडाने के लिए गलत बातें कहकर अफवाह फैला रहे है।
यदि ग्रामीणों की सहमति के बगैर जनसुनवाई आयोजित की गई तो कंपनी को भारी विरोध का सामना करना पड़ेगा।
साथी दलाल किस्म के लोगों को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।

