रायपुर के गुढ़ियारी इलाके में हनुमंत कथा करने पहुंचे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा है कि देश में जाति नहीं, गरीबों की गणना होनी चाहिए। हमारे और आपके खानदान में भी कुछ लोग गरीब हैं, परेशान कितने हैं, उनकी गणना करनी चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ में हो रहे धर्मांतरण को लेकर कहा कि यहां घर वापसी का अभियान चलाएंगे।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण की वजह, विरोध से भरी पूर्व की सरकार और दिशाहीन लोग हैं। 2023 में जब आए थे तब कुछ और हालात थे। साल बदला, हाल बदला और छत्तीसगढ़ का ऐसा हाल बदला की हम आए और सनातन की बहार लेकर आए। अब धर्म विरोधियों की ठठरी और गठरी दोनों बांधी जाएगी।
छत्तीसगढ़ में 1 साल में सरकार बदल गई। यहां के लोगों के भाव बदल गए। धर्मांतरण को लेकर जो मैं कहता था वह विवादित बयान माना जाता था, लेकिन वास्तविक रूप से अब छत्तीसगढ़ की दशा और दिशा नवीन ऊर्जा की तरफ है। छत्तीसगढ़ में जो धर्म विरोधी धर्मांतरण कर रहे हैं, उनकी ठठरी और गठरी दोनों बांधी जाएगी।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि दूसरे धर्मों के लोग इबादतगाहों में अपने मजहब की शिक्षा देते हैं। छत्तीसगढ़ के मंदिरों के पुजारी और मठ के आचार्यों को भी एकजुट होकर हर मंगलवार या शनिवार को धर्म की शिक्षा देना शुरू कर देना चाहिए, ऐसा करने से धर्मांतरण रुक जाएगा।
पाठ्यक्रम में गीता और रामायण शामिल हो
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि स्कूलों के पाठ्यक्रम में गीता और रामायण होनी चाहिए। देश में पहले ‘ग’ से गणेश पढ़ाया जाता था, लोग कहने लगे साम्प्रदायिकता होगी, अब ‘ग’ से गधा पढ़ाया जा रहा है इसलिए बच्चे भी गधे बन रहे हैं।
पाठ्यक्रम में रामायण और गीता को जोड़ा जाएगा। महापुरुष के जीवन को जोड़ा जाएगा तो भारत के युवा तेजवान, वीर वान, ज्ञानवान, बलवान और बुद्धिमान बनेंगे और भारत का विकास होगा और विश्वगुरु बनेगा।
चंदखुरी का नाम बदलने का सीएम को दिया प्रस्ताव
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आए थे, उन्होंने जशपुर जिले में कथा करने की बात कही। मैंने उनसे कहा है कि जशपुर में मैं कथा करूंगा, उससे पहले चंदखुरी का नाम बदलकर कौशल्या धाम रखें। हम बस्तर और जशपुर इलाके में कथा करने जरूर जाएंगे और धर्मांतरण को रोकने का काम करेंगे।

