हाथरस के रतिभानपुर में भोले बाबा के सत्संग के समापन के दौरान भगदड़ मच गई. इस घटना में 116 लोगों की मौत हो गई. अलीगढ़ के आईजी शलभ माथुर ने भगदड़ में 116 लोगों की मौत की पुष्टि की है. इससे पहले कमिश्नर अलीगढ ने बताया कि घटना में 18 घायलों का इलाज अस्पताल में किया जा रहा है. हादसे में मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं.
इस हादसे पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने जिला प्रशासन को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके उपचार कराने और मौके पर राहत कार्य में तेजीलाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने एडीजी आगरा और कमिश्नर अलीगढ़ के नेतृत्व में घटना के कारणों की जांच के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी के निर्देश के बाद सरकार के दो वरिष्ठ मंत्री और मुख्य सचिव के साथ डीजीपी भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं.

घटना पर क्या बोले सीएम योगी
हाथरस भगदड़ पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ का कहना है, ”घटना बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली है…स्थानीय आयोजकों ने ‘भोले बाबा’ का कार्यक्रम आयोजित किया था. कार्यक्रम के बाद जब सत्संग के प्रचारक नीचे आ रहे थे मंच पर अचानक श्रद्धालुओं की भीड़ उन्हें छूने के लिए उनकी ओर बढ़ने लगी और जब सेवादारों ने उन्हें रोका तो वहां यह हादसा हो गया. इस पूरे मामले की जांच के लिए हमने एडिशनल डीजी आगरा की अध्यक्षता में एक टीम गठित कर दी है. उन्हें विस्तृत रिपोर्ट देनी है.घटना के मद्देनजर राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी वहां कैंप कर रहे हैं. राज्य सरकार के तीन मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, संदीप सिंह, असीम अरुण तीनों घटनास्थल पर हैं.”
14 मृतकों की हुई शिनाख्त
पुलिस ने बताया कि हाथरस के सत्संग में मची भगदड़ में मरने वालों में से 14 लोगों की शिनाख्त हो गई है. ये मृतक कासगंज, शाहजहांपुर, हाथरस, बुलंदशहर और मथुरा के हैं.
सिकंदराराऊ पुलिस ने भी जारी किए हेल्पलाइन नंबर
हाथरस के थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस प्रशासन ने आम लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन9259189726 तथा 9084382490 जारी किए हैं.
हादसें में 107 लोगों की मौत
कमिश्नर अलीगढ ने बताया कि अब तक 107 लोगो की मौत हो गई है 18 घायलों का इलाज जारी .
बुधवार को हाथरस जाएंगे सीएम योगी
हाथरस में सत्संग में भगदड़ मच गई. इस हादसे में 100 ज्यादा लोगों की मौत की आशंका है. सीएम योगी घटनास्थल का निरीक्षण करने के लिए कल बुधवार को हाथरस जाएंगे, जहां सीएम पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे. सीएम के साथ मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद भी वहां मौजूद रहेंगे.
कौन हैं साकार हरि बाबा: हमेशा रहते हैं सूट-बूट में…
साकार हरि बाबा उर्फ भोले बाबा का असली नाम सूरज पाल सिंह है। बाबा कासगंज के पटयाली का रहने वाले हैं। करीब 17 साल पहले पुलिस कांस्टेबल की नौकरी छोड़कर सत्संग करने लगे। नौकरी छोड़ने के बाद सूरज पाल नाम बदलकर साकार हरि बन गए। अनुयायी उन्हें भोले बाबा कहते हैं। कहा जाता है कि गरीब और वंचित तबके के लोगों के बीच में इनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। कुछ समय में लाखों की संख्या में अनुयायियों बन गए। उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश और राजस्थान में अनुयायी फैले हैं।
मानव सेवा का देते हैं संदेश
साकार हरि बाबा अपने सत्संग में मानव सेवा का संदेश देते हैं। ज्यादातर सत्संग में लोगों से बाबा कहते हैं कि मानव की सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। सत्संग में आने वाले लोगों से कहते हैं यहां रोग मिट जाते हैं, मन शुद्ध होता है, यहां पर कोई भेदभाव नहीं कोई दान नहीं कोई पाखंड नहीं यही सर्व समभाव है यहीं ब्रह्मलोक है, यहीं स्वर्ग लोक है।

लाशों के ढेर देखकर ड्यूटी पर तैनात सिपाही को आया हार्ट अटैक..
उत्तर प्रदेश के एटा में मेडिकल कॉलेज में लाशों का ढेर देखकर ड्यूटी पर तैनात सिपाही को हार्ट अटैक आ गया। इससे उसकी मौत हो गई। वह क्यीआरटी अवागढ़ में तैनात था। उसे मेडिकल कॉलेज आपात ड्यूटी पर बुलाया गया। इतनी लाशें देखकर वह बर्दाश्त न कर सका। उसे हार्ट अटैक आ गया। सिपाही मूल रूप से अलीगढ़ जिले के बन्ना देवी थाना क्षेत्र के सिद्धार्थनगर का रहने वाला था।


