छत्तीसगढ़

बैंककर्मी ने कस्टमर के अकाउंट से निकाले 40 लाख:फिक्स डिपॉजिट के नाम पर पति-पत्नी से चेक लिया

रायपुर-रायपुर के सिलतरा इलाके में संचालित आईडीबीआई बैंक की बरौदा शाखा के एक कर्मचारी ने पति-पत्नी को झांसे में लेकर उनके खातों से 40 लाख रुपए पार कर दिए। आरोपी ने फिक्स डिपॉजिट (FD) कराने के नाम पर ब्लैंक चेक लिए और रकम अपने और अपने साथियों के खातों में ट्रांसफर कर ली।

पुलिस के अनुसार, पीड़ितों के नाम नरेंद्र कुमार वर्मा और मनीषा वर्मा हैं, जबकि विकास राव गोडकी, राजा खुटे और शैलेन्द्री के नाग आरोपी हैं। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। यह मामला धरसींवा थाना क्षेत्र के सिलतरा इलाके का है।

ग्राम सिलतरा के निवासी नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि उनका और उनकी पत्नी मनीषा वर्मा का खाता आईडीबीआई बैंक, बरौदा शाखा में है। दोनों के खातों में 20-20 लाख रुपए जमा थे।

नरेंद्र ने यह राशि एफडी कराने के लिए बैंक गए थे। बैंक में उनकी पहचान कर्मचारी राजा खुटे से थी। राजा ने एफडी की प्रक्रिया का बहाना बनाकर नरेंद्र से आधार कार्ड, पैन कार्ड और दो ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर करवाकर ले लिए।

भरोसा जीतने के लिए आरोपी राजा खुटे ने नरेंद्र को एफडी की पावती भी दे दी। इसके बाद जून 2023 से लेकर नवंबर 2025 के बीच आरोपी ने किस्तों में कुल 40 लाख का गबन किया। पीड़ित को इस धोखाधड़ी की जानकारी तब हुई जब 2 मार्च 2026 को उन्हें पैसों की जरूरत पड़ी और उन्होंने राजा को फोन कर एफडी तोड़ने के लिए कहा।

तब आरोपी ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि “रुपयों का हेर-फेर हो गया है, पैसे नहीं हैं।” जब पीड़ित दंपती बैंक पहुंचे और स्टेटमेंट निकलवाया, तो उनके होश उड़ गए। आरोपी राजा खुटे ने ब्लैंक चेक का इस्तेमाल कर विकास राव गोडकी, शैलेन्द्री और खुद अपने नाम पर पैसे ट्रांसफर कर लिए थे। पीड़ितों ने आरोपियों की शिकायत पुलिस में की है।

नरेंद्र वर्मा की शिकायत पर धरसींवा पुलिस ने बैंक कर्मचारी राजा खुटे और उसके साथियों विकास राव गोडकी और शैलेन्द्री के खिलाफ धोखाधड़ी और षडयंत्र का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने एफडी पेपर और बैंक स्टेटमेंट को जब्त कर लिया है। आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है।

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