रायपुर – छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर जेल में बंद गैंगस्टर अमन साव की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने झारखंड के बड़कागांव विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की अनुमति मांगी थी। इस मामले की सुनवाई जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की सिंगल बेंच में हुई। बता दें कि गैंगस्टर अमन साव को रायपुर में कारोबारी पर फायरिंग करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
झारखंड विधानसभा चुनाव में नामांकन की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर है। हालांकि, अमन साव के चुनाल लड़ने को लेकर झारखंड के हाईकोर्ट में भी आवेदन लगाया गया है। जिसमें गुरुवार को सुनवाई होगी।
तेलीबांधा स्थित पीआरए दफ्तर के बाहर गोलीकांड के केस में गैंगस्टर अमन साव 25 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड है। मंगलवार को गैंगस्टर अमन साव को रायपुर की जेल से रायपुर कोर्ट में पेश किया गया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने 3 दिनों के लिए रिमांड मंजूर की है।
इसके पहले उसे गंज थाने में दर्ज केस में गिरफ्तार किया था। अब तेलीबांधा पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। इसी मामले में फायरिंग करने वाले शूटरों समेत 8 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। और सभी रायपुर जेल में बंद है।
गैंगस्टर अमन साव ने ही पीआरए ग्रुप के डायरेक्टर के ऊपर फायरिंग करने की हरियाणा के शूटर को सुपारी दिया था। उसी के कहने पर शूटर रायपुर आए और रेकी करने के बाद वारदात की। अब तक की पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
पता चला है कि रायपुर जेल में 2022 में बंद अमन के गुर्गों ने यहां अपना लोकल नेटवर्क बना लिया है। उन्होंने रायपुर के कुछ बदमाशों को गैंग में शामिल किया है। यहां के लोकल नेटवर्क ने ही पीआरए ग्रुप के डायरेक्टर की रेकी कर वीडियो-फोटो अमन गैंग के गुर्गों को भेजा था। उसी के बाद शूटरों ने घटना को अंजाम दिया।
40 पुलिसकर्मियों की टीम अमन साव को झारखंड से प्रोडक्शन वारंट पर 14 अक्टूबर को रायपुर लेकर आई थी। कारोबारी प्रह्लाद राय अग्रवाल की कार पर फायरिंग केस में अमन साव मुख्य आरोपी है। 13 जुलाई को अमन के गुर्गों ने फायरिंग की थी।
इस गोलीकांड में अमन साव के अलावा लॉरेंस बिश्नोई का नाम भी सामने आया था। रायपुर के तेलीबांधा इलाके में PRA कंस्ट्रक्शन नाम से ऑफिस है जहां फायरिंग हुई थी। इसके बाद से अमन को रायपुर लाने की तैयारी चल रही थी।

