रायपुर डकैती कांड की पलिस ने गुत्थी सुलझा ली है.. नगरीय निकाय चुनाव के दिन दिनदहाड़े हुई 20 मिनट के अंदर 65 लाख की डकैती में पीड़ित की सगी बहन का दोस्त रिटायर्ड फौजी इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड निकला है। BSF के रिटायर्ड फौजी ने सुपारी देकर इस पूरी डकैती को अंजाम दिया है.. डकैती के बाद आरोपियों ने पैसों को आपस में बांटा फिर सभी अलग साधनों से फरार हो गए थे,

राजधानी रायपुर के खम्हारडीह थाना इलाके के अनुपम नगर में हुई इस .डकैती के बाद इलाके के लोग दहशत और अपने आप को असुरषित म्हासुसुस करने लगे थे,साथ ही पुलिस पर भी सुरक्षा को लेकर सवालिया निशान खड़े हो गए थे, लेकिन वारदात के बाद जिस प्रकार पुलिस ने सक्रियता दिखाई, उसके बाद आरोपी जल्द ही धर दबोच लिए गए, इतना ही नहीं उनके पास से डकैती में लूटी गई रकम भी बरामद कर ली गई । पुलिस ने इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है इन आरोपियों को पुलिस ने दुर्ग, राजनांदगांव, बलोदा बाजार, रायपुर, बिलासपुर, और महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है इनसे डकैती की 59 लाख 50 हजार रुपए जप्त किए गए हैं।
पकड़े गए आरोपियों में इस वारदात का मास्टरमाइंड सोम शेखर रिटायर्ड फौजी है और वर्तमान में पीड़ित मनोहरण के घर के करीब ही रहता है.. उसकी मनोहरण की एक बहन के साथ गहरी दोस्ती है ,उसने रिटायर्ड फौजी सोम शेखर से घर में रखे हुए पैसे ऊपर जिक्र किया था। इसके बाद शेखर ने डकैती की प्लानिंग करनी शुरू कर दी, और जमीन दलाली करने वाले अपने दोस्तों को पूरी बात बताकर पीड़िता के घर की रेकी करना शुरू करा दिया और डकैती के लिए एक टीम बना ली..
जिसमें एक महिला को भी शामिल कर लिया गया।और प्लानिंग के मुताबिक डकैती के लिए आर्मी की वर्दी खरीदी गई, वारदात को अंजाम देने के लिए नगरीय निकाय चुनाव का दिन तय किया गया चुकी चुनाव की ड्यूटी में पुलिसकर्मी जिले के अलग-अलग स्थानो से बुलाए जाते हैं कोई पहचान ना सके इसीलिए डकैत आर्मी की ड्रेस पहन कर पहुंचे थे । और 20 मिनट में वारदात को अंजाम देकर फरार होने में सफल हो गए।
डकैती कर शहर से निकलने के बाद डकैत विधानसभा रोड होते हुए मंदिर हसौद से नेशनल हाईवे में आ गए. फिर रायपुर चौक होते हुए खारुन नदी ब्रिज के रास्ते अमलेश्वर से मोतीपुर एरिया में पहुंच गए ..आरोपियों ने गांव का रास्ता इसलिए चुना की सीसीटीवी कैमरे में कैद होने से बच सके.. डकैती के दौरान जिस कर का इस्तेमाल किया गया उस कार में नंबर प्लेट नहीं था. इसलिए जब वे मोतीपुर के आसपास पहुंचे तो वहां पर एक दूसरी ऑटो कार में इनका सहयोगी इंतजार कर रहा था उन्होंने वहां से पैसों को आपस में बांट लिया फिर डकैती करने घुसी एक महिला ऑटो कार में सवार हो गई इसके बाद दोनों कार आगे बढ़ते हुए फिर से में रोड में आ गए. डकैती की कार के पीछे आल्टो कार पायलटिंग करते हुए चलने लगी, इस गाड़ी का नंबर सीसीटीवी में कैद हो गया, पुलिस को इसी सुराग आरोपियों तक पहुचा दिया , सबसे पहले पुलिस ने आल्टो कार के मलिक को पकड़ा,उसके बाद बाकी आरोपियों को पकड़ने में देर नहीं लगी और इस बड़ी डकैती का पर्दाफाश हो गया।
पुलिस ने इस मामले मैं राहुल त्रिपाठी, नेहा त्रिपाठी राजनंदगांव, देवलाल वर्मा रायपुर पुरुषोत्तम देवांगन बलौदा बाजार शाहिद पठान महाराष्ट्र पिंटू सरवन बेमेतरा मनु राज मौर्य बिलासपुर कमलेश वर्मा रायपुर कुगरा तार किया ह

